
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा का सत्र मंगलवार को शुरू हो गया, जिसमें सदन ने 27 सितंबर को करूर में भगदड़ के दौरान हुई 41 लोगों की मौत पर शोक प्रस्ताव पारित किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष एम. अप्पावु ने एक प्रस्ताव पढ़ा और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की एक रैली में भगदड़ के दौरान मारे गए लोगों के शोकसंतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। इस बैठक को तमिलगा वेत्री कझगम के संस्थापक अभिनेता-राजनीतिक नेता विजय ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने अधिकारियों और चिकित्सा पेशेवरों को घायलों को अच्छा इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया तथा खुद अस्पताल पहुंचे और प्रभावित परिवारों को सांत्वना दी। अप्पावु ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की।’’
उन्होंने सदस्यों से दिवंगत आत्माओं के सम्मान में दो मिनट का मौन रखने का आग्रह किया। इसके बाद द्रमुक, अन्नाद्रमुक, भाजपा, कांग्रेस, वीसीके और अन्य सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सदन ने नगालैंड के पूर्व राज्यपाल एल गणेशन, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, वरिष्ठ भाकपा नेता सुधाकर रेड्डी और आईएएस अधिकारी बीला वेंकटेशन को भी श्रद्धांजलि दी।
अध्यक्ष ने पूर्व विधायकों एस पुरचिमानी, एस गुनासेकरन, वीसी गोंिवदा सामी, ओएस अमरनाथ, ए अरिवलगन, दुरई अनबरसन, एम ए खलीलुर रहमान, आर चिन्नासामी और टीके अमूल कंडासामी के निधन पर भी शोक संदेश पढ़ा। इसके बाद सदन ने भगदड़ में हुई जान-माल की क्षति तथा नेताओं के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रस्ताव पारित किए।



