
रायबरेली/नयी दिल्ली. . कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को अग्निवीर योजना को लेकर केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना से अब देश में शहीदों में भी भेद शुरू हो गया है. देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले अग्निवीर जवान को शहीद का दर्जा नहीं दिया जा रहा है.
अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के तहत अपनी मां सोनिया गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली पहुंचे राहुल ने उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए अग्निवीर योजना का जिक्र किया और कहा, ”आपने अग्नि वीर योजना का नाम सुना है. आपको मालूम है कि अब हिंदुस्तान में दो तरीके के शहीद होंगे. एक सेना वाला (पूर्णकालिक सेनाकर्मी) जब शहीद होगा तो उसे शहीद का दर्जा दिया जाएगा और दूसरा जो अग्निवीर होगा, जब वह शहीद होगा उसको शहीद का दर्जा नहीं दिया जाएगा.”
उन्होंने कहा, ”उसकी (अग्निवीर जवान) लाश को परे कर दिया जाएगा. उसके परिवार को ना तो पेंशन मिलेगी ना ही किसी तरह की मदद मिलेगी. अग्निवीर जवान सेना में जाएंगे लेकिन चार साल बाद चार में से तीन अग्निवीरों को लात मार कर भगा दिया जाएगा. कहा जाएगा कि तुम्हारी यहां कोई जरूरत नहीं है. सेना के बजट का जो पैसा अग्निवीरों को मिलना चाहिए वह पैसा कहां जा रहा है. जो उनको मिलना था वह नरेंद्र मोदी जी उनके हाथ से निकालकर अपने मित्रों को दे रहे हैं.”
राहुल ने कहा, ”यह सच्चाई है. मैंने यह बात संसद में बोली. अपने भाषण देखा होगा. मुझे लोकसभा से निकाल दिया गया और मेरी सदस्यता रद्द कर दी गयी. उच्च्तम न्यायालय ने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता वापस करो तब दोबारा में लोकसभा में जा पाया. मेरा घर छीन लिया. दो साल की सजा दे दी. जब मेरा घर छीना मैंने उनसे कहा ले जाओ मुझे तुम्हारा घर नहीं चाहिए.” उन्होंने कहा, ”मेरा घर हिंदुस्तान के करोड़ों लोगों के दिल में है. मैं आपको दिल से धन्यवाद देना चाहता हूं और कहना चाहता हूं कि आप अपने हक के लिए लड़िये. आप खड़े हो जाइए. यह देश आपका है. एक प्रतिशत लोगों का ही नहीं है. यह देश किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदारों और बेरोजगारों सबका है. खड़े हो जाइए. जो आपका है उसे ले लीजिए.”
राहुल ने भीड़ में से एक व्यक्ति को अपने पास बुलाकर मौजूद लोगों से पूछा, ”आपने कभी जेबकतरे को काम करते हुए देखा है. वह सबसे पहले ध्यान भटकाता है. वह कहता है कि वह देखो पाकिस्तान, वह देखो चाइना, वह देखो राम मंदिर, वह देखो अमिताभ बच्चन. यही सब करके आपका ध्यान भटकाया जा रहा है. उसके बाद क्या होगा उसके बाद कोई व्यक्ति आपके पीछे आकर खड़ा हो जाएगा. जब आप इधर-उधर देखेंगे तो जेबकतरा पीछे से उसका फोन निकाल लेगा. निकालने के लिये ध्यान इधर-उधर कौन करता है….नरेंद्र मोदी. पीछे से पैसा कौन निकालता है…. अडाणी.”
उन्होंने कहा, ”और तीसरा बंदा होगा जो लाठी लेकर यहां खड़ा होगा कि अगर किसी ने कुछ उल्टा सीधा किया तो उसे लाठी लगेगी…. अमित शाह, सीबीआई, ईडी. यह ड्रामा चल रहा है आपके साथ 24 घंटे. आप सुबह उठते हैं, मोबाइल फोन खोलते हैं. आपका ध्यान इधर-उधर जाता है. जीएसटी से आपका पैसा जेब से निकलता है. नोटबंदी से पैसा निकलता है और एक-दो प्रतिशत अडाणी जैसे लोग आपके पैसे को खाते रहते हैं. आप भूखे मरते रहते हैं. यह हिंदुस्तान है.” राहुल ने देश में जातिवार जनगणना पर जोर देते हुए कहा कि जातिवार जनगणना ही भाजपा के जाल से निकलने का एक मात्र रास्ता है.
एमएसपी की गारंटी मिलने से जीडीपी वृद्धि का सूत्रधार बनेगा किसान : राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी मिलने से देश का किसान बजट पर बोझ नहीं, बल्कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का सूत्रधार बनेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह झूठ बोला जा रहा है कि बजट के मद्देनजर एमएसपी की कानूनी गारंटी दे पाना संभव नहीं है. हाल ही में कांग्रेस ने वादा किया कि अगर 2024 में ‘इंडिया’ गठबंधन केंद्र की सत्ता में आता है तो किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी दी जाएगी.
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जब से कांग्रेस ने एमएसपी की कानूनी गारंटी देने का संकल्प लिया है, तब से मोदी के प्रचारतंत्र और मित्र मीडिया ने एमएसपी पर झूठ की झड़ी लगा दी है.” उनके मुताबिक यह झूठ बोला जा रहा है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी दे पाना भारत सरकार के बजट में संभव नहीं है.
उन्होंने कहा, “सच यह है कि ‘क्रिसिल’ के अनुसार 2022-23 में किसान को एमएसपी देने में सरकार पर 21,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आता, जो कुल बजट का मात्र 0.4 प्रतिशत है.” उन्होंने सवाल किया, “जिस देश में 14 लाख करोड़ रुपये के बैंक ऋण माफ कर दिए गए हों, 1.8 लाख करोड़ रुपये कॉर्पोरेट कर में छूट दी गई हो, वहां किसान पर थोड़ा सा खर्च भी इनकी आंखों को क्यों खटक रहा है?”
राहुल गांधी ने कहा कि एमएसपी की गारंटी से कृषि में निवेश बढ़ेगा, ग्रामीण भारत में मांग बढ़ेगी और किसान को अलग अलग किस्म की फसलें उगाने का भरोसा भी मिलेगा, जो देश की समृद्धि की गारंटी है. उन्होंने कहा, “जो एमएसपी पर भ्रम फैला रहे हैं, वो डॉ. स्वामीनाथन और उनके सपनों का अपमान कर रहे हैं. एमएसपी की गारंटी से भारत का किसान, बजट पर बोझ नहीं, जीडीपी वृद्धि का सूत्रधार बनेगा.”
राहुल ने की जातिवार जनगणना कराये जाने की वकालत
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश में जातिवार जनगणना कराये जाने पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि सबसे पहले यह पता लगाया जाना चाहिये कि किसकी कितनी आबादी है. साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि देश की सम्पत्ति किसके हाथों में है.
राहुल ने ‘भारत जोड़ो, न्याय यात्रा’ के तहत रायबरेली में अपने सम्बोधन में जातिवार जनगणना की वकालत की.
उन्होंने कहा, ”मैं आपको बता दूं कि (देश में) जातिवार जनगणना होनी चाहिए. सबसे पहले, यह पता करें कि आपकी जनसंख्या कितनी है. हमें यह पता लगाना होगा कि देश की सम्पत्ति किसके हाथ है.” इस बीच, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव मंगलवार को रायबरेली में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल नहीं हुए.
यात्रा में शामिल वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”प्रियंका गांधी जी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा के पूरे यूपी चरण में भाग लेने का कार्यक्रम था. वह यात्रा में शामिल नहीं होंगी, क्योंकि वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं.ह्व लल्लू ने यह भी कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव रायबरेली में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल नहीं हुए. सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया था कि अखिलेश यादव यात्रा में तभी शामिल होंगे जब कांग्रेस सपा द्वारा ‘इंडिया’ गठबंधन उत्तर प्रदेश में 80 में से 17 लोकसभा सीटों के प्रस्ताव को स्वीकार करेगी.



