
पटना/मुजफ्फरपुर. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को एक चुनावी सभा के दौरान महिला उम्मीदवार को माला पहनाने पर जोर देकर और रोकने की कोशिश करने वाले अपने करीबी सहयोगी को डांटकर अपने स्वास्थ्य को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया.
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार ने अपने विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर विधानसभा क्षेत्र से की. इस दौरान वह स्थानीय जद(यू) प्रत्याशी अजय कुशवाहा का नाम गलत उच्चारित करने और औराई सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार रमा निषाद के नाम के आगे ”श्री” जोड़ देने पर भी चर्चा में रहे. मुख्यमंत्री (75) ने अपने संबोधन में कहा कि यदि जनता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को जिताने का वादा करती है, तो वे इसे सुनिश्चित जीत का प्रतीक मानकर उम्मीदवारों को माला पहनाना चाहेंगे.
सभा के दौरान जैसे ही कुमार माला लेकर भाजपा उम्मीदवार रमा निषाद की ओर बढ़े, निषाद असहज दिखीं. हिंदू परंपरा में सामान्य तौर पर किसी महिला को पति के अलावा अन्य किसी पुरुष द्वारा माला पहनाने का चलन नहीं है. राजनीतिक कार्यक्रमों में पुरुषों को माला पहनाने और महिलाओं को हाथ में माला सौंपने की परंपरा रही है. उल्लेखनीय है कि रमा निषाद, मुजफ्फरपुर के पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं.
स्थिति को संभालने के लिए जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी संजय कुमार झा ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए नीतीश कुमार का हाथ थामने की कोशिश की. लेकिन जब उन्हें लगा कि मुख्यमंत्री उनकी बात से नाराज हैं, तो उन्होंने पीछे हटते हुए स्थिति को उनके ऊपर छोड़ दिया.
इसके बाद कुमार ने झा की ओर मुड़कर कहा, ”तुम भी अजीब आदमी हो,” और फिर रमा निषाद के गले में माला डाल दी. इस घटना का वीडियो राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा करते हुए लिखा, ”वह सच में अजीब व्यक्ति हैं. अगर वह पूरी तरह स्वस्थ हैं, तो फिर लिखी हुई पर्ची से भाषण क्यों पढ़ रहे हैं और ऐसा व्यवहार क्यों कर रहे हैं?”



