
हैदराबाद. भारत में बिना वैध दस्तावेजों के प्रवेश करने और ‘अवैध’ गतिविधियों के उद्देश्य से जाली दस्तावेजों के सहारे मलकपेट में रहने के आरोप में बुधवार को दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस उपायुक्त (आयुक्त टास्क फोर्स) वाईवीएस सुधींद्र ने बताया कि पुलिस ने ढाका के मोहम्मद हसीबुल और रोहन साहा के साथ चार ऐसे लोगों को भी हिरासत में लिया है, जिन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए जाली जन्म प्रमाण पत्र और अन्य भारतीय दस्तावेज कथित तौर पर तैयार किए थे.
उन्होंने बताया कि हसीबुल (25) चार साल पहले ‘डंकी रूट’ से पश्चिम बंगाल के बोंगांव में भारत-बांग्लादेश सीमा पार कर बांग्लादेश से भारत में घुस आया था. पुलिस ने बताया कि हसीबुल ने तस्करों को इसके लिए 25,000 रुपये दिए थे. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद हसीबुल कोलकाता में कराटे प्रशिक्षक के रूप में काम करने लगा और अपना नाम जोवन चौधरी रख कर फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया.
पुलिस ने बताया कि दिसंबर 2023 में हसीबुल ने सोशल मीडिया मंच के जरिए मलकपेट की एक महिला से दोस्ती की और अपनी असली पहचान छिपाते हुए धोखे से उससे शादी कर ली. पुलिस के मुताबिक, हसीबुल मलकपेट चला गया और ऑनलाइन कपड़े की बिक्री और खाना पहुंचाने वाले एजेंट के तौर पर काम करने लगा.
पुलिस ने बताया कि आठ महीने पहले हसीबुल ने जन्म प्रमाणपत्र बनवाया, जिसमें फर्जी जानकारियां दी गई थीं और दावा किया गया था कि वह रंगा रेड्डी जिले में पैदा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, इस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर उसने भारतीय मतदाता पहचान पत्र बनवाया और खुद को भारतीय नागरिक बताने के लिए आधार कार्ड के लिए आवेदन किया.
पुलिस ने बताया कि मार्च 2025 में हसीबुल कोलकाता में अवैध रूप से रह रहे रोहन साहा (21) को अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल के लिए मलकपेट लाया. पुलिस के मुताबिक, हसीबुल ने साहा को आश्रय दिया और उसके लिए फर्जी आधार कार्ड का प्रबंध किया. पुलिस ने दोनों बांग्लादेशी नागरिकों के पास से जाली दस्तावेज जब्त किए हैं.



