
मुंबई/नयी दिल्ली. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को आरोप लगाया कि ठाकरे बंधु केवल सत्ता के लिए एक साथ आए हैं और मुंबई के विकास के लिए उनके पास कोई योजना नहीं है. शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने 15 जनवरी को होने वाले बृह्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले बुधवार को गठबंधन की घोषणा की.
प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के प्रमुख शिंदे ने यहां संवाददाताओं से कहा कि चचेरे भाइयों की प्रेसवार्ता में विकास का कोई जिक्र नहीं हुआ.
उन्होंने कहा, ”(शिवसेना के संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से भटकने वालों को पिछले साल के विधानसभा चुनाव और हाल ही में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में सबक सिखाया गया है.”
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करके जून 2022 में पार्टी को विभाजित करने वाले शिंदे ने कहा, ”उनके पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है, उनका लक्ष्य सिर्फ सत्ता हासिल करना है. इन लोगों ने मराठी भाषी लोगों को मुंबई से बाहर निकाल दिया. विधानसभा चुनाव और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों ने दिखा दिया है कि कौन सी शिवसेना नकली है और कौन सी असली.” उन्होंने ठाकरे बंधुओं पर विकास परियोजनाओं को बाधित करने का भी आरोप लगाया.
दो परिवारवादी दल हार के डर से साथ आ गए हैं : ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर भाजपा ने कहा
भाजपा ने बुधवार को कहा कि आगामी बीएमसी चुनावों में हार के डर से दो ”परिवारवादी” दल एकजुट हो गए हैं. शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा अपनी पार्टियों के गठबंधन की घोषणा के बाद भाजपा ने ये टिप्पणी की.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, ”दो परिवारवादी दल एक साथ आ गए हैं. हार के डर से उन्होंने गठबंधन कर लिया है. मुंबई की जनता राजग-भाजपा गठबंधन के तहत विकास को चुनना चाहती है.” उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि आगामी बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों में अपनी जमानत जब्त होने से बचाने के लिए वे एकजुट हुए हैं. भंडारी ने कहा, ”मुंबई की जनता राजग-भाजपा के साथ है और वे विकास को ही चुनेंगे.” बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होंगे.



