
नालंदा. बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने रविवार को कहा कि भारतीय सभ्यता की निरंतरता, ज्ञान की निरंतर खोज का परिणाम है. राज्यपाल खान प्रथम नालंदा साहित्य महोत्सव 2025 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे.
खान ने कहा, “भारत को हमेशा से ज्ञान-सभ्यता के रूप में माना गया है. हम ज्ञान की खोज के प्रति सर्मिपत रहे हैं. नालंदा साहित्य महोत्सव एक ऐसा आयोजन है, जो इस ज्ञान-अन्वेषण की भावना का प्रतीक है.” नालंदा विश्वविद्यालय के सहयोग से कई संगठनों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम 25 दिसंबर को समाप्त होगा.
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने डिजिटल माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन किया. उपराष्ट्रपति ने एक वीडियो संदेश में कहा, “साहित्य और विज्ञान दोनों ही मानवीय प्रवृत्ति, जिज्ञासा से उत्पन्न होते हैं. इस महोत्सव का मूलमंत्र यह है कि साहित्य को विज्ञान और प्रौद्योगिकी से अलग रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि वे साथ-साथ चल सकते हैं.”



