जयशंकर के बयान पर देश को सच जानने का हक, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जवाब दें: कांग्रेस

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के संदर्भ में विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा की गई एक कथित टिप्पणी को लेकर सोमवार को कहा कि यह ‘अपराध’ है और ‘पाप’ की श्रेणी में आता है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा खुद जयशंकर को जवाब देना होगा.
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश को सच जानने का पूरा हक है.

कांग्रेस और राहुल गांधी ने जयशंकर के एक बयान का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया है कि पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों पर सैन्य हमलों से पहले भारत सरकार ने पाकिस्तान को इस बारे में सूचित किया था.
उधर, विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इस तरह के दावों को गलत बताया कि विदेश मंत्री जयशंकर ने माना था कि भारत ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने से पहले पाकिस्तान को सचेत किया था.

राहुल गांधी ने सोमवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”क्या विदेश मंत्री जयशंकर की चुप्पी सब कुछ बता नहीं रही है? यह घातक है. इसलिए मैं फिर से पूछूंगा कि हमने कितने भारतीय विमान खो दिए क्योंकि पाकिस्तान को पहले से पता था?” उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई चूक नहीं थी, बल्कि यह एक अपराध था. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश को सच जानने का हक है. कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ”राहुल गांधी ने विदेश मंत्री के बयान पर कुछ सवाल पूछे हैं. यह बहुत महत्वपूर्ण इसलिए हो जाता है, क्योंकि पिछले एक हफ्ते में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अलग-अलग देशों में एक बात दोहराते रहे कि उन्होंने युद्ध रुकवाने में मध्यस्थता की.”

उन्होंने कहा, ”ट्रंप ने एक बहुत खौफ.नाक बात यह भी बोली कि उन्होंने भारत को व्यापार रोकने की धमकी देकर युद्ध रुकवाया. यानी सिंदूर का सौदा होता रहा, प्रधानमंत्री चुप रहे. विदेश मंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा.” खेड़ा ने दावा किया, ”हमें नहीं मालूम कि अमेरिका और चीन के पास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री और भाजपा के नेताओं के ऐसे कौन से राज हैं, क्योंकि इनका कभी अमेरिका और चीन के आगे मुंह नहीं खुलता. जब भी मुंह खुलता है तो सीधा क्लीन चिट देने के लिए खुलता है.” उनका कहना था, ”पूरे देश और दुनिया को मालूम है कि इस युद्ध में चीन की क्या भूमिका रही है और अमेरिका ख.ुद इस युद्ध को रोकने में अपनी भूमिका आगे बढ़-चढ़कर बता रहा है, लेकिन जयशंकर जी का मुंह नहीं खुलता.” खेड़ा ने आरोप लगाया कि विदेश मंत्री ने जो किया है, उसे कूटनीति नहीं, बल्कि मुखबिरी कहा जाता है.

उन्होंने सवाल किया, ”क्या इसी मुखबिरी की वजह से मसूद अज.हर ज.दिंा बच गया और हाफिज सईद ज.दिंा भाग गया?” खेड़ा ने कहा, ”विदेश मंत्री का यह बयान संवेदनशील है, क्योंकि इस बयान से तो यही लगता है कि आतंकी अपने ठिकानों से भाग गए होंगे. ऐसा क्यों किया गया, इस पर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री को जवाब देना होगा.” कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जयशंकर ने जो किया, वह पाप की श्रेणी में आता है.

उन्होंने दावा किया, ”हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, लेकिन अचानक से डोनाल्ड ट्रंप आए और उन्होंने संघर्ष विराम करा दिया. हमें सिंदूर से समझौता मंजूर नहीं है. देश से गद्दारी मंजूर नहीं है, चाहे वह कोई भी, किसी भी पद पर हो.” विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा था, ”विदेश मंत्री ने कहा था कि हमने पाकिस्तान को शुरुआत में ही चेतावनी दे दी थी, जो स्पष्ट रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के शुरू होने के बाद का शुरुआती चरण है.” उसने यह भी कहा था, ”इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. तथ्यों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है.”

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने उन दावों को खारिज किया है कि जयशंकर ने कहा था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से पहले पाकिस्तान को सूचित किया था. बीते 17 मई को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने कहा कि मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और उन्हें गलत तरीके से उद्धृत किया जा रहा है.

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