
नयी दिल्ली/नासिक. कांग्रेस ने महाराष्ट्र में ‘लाडकी बहिन’ योजना के तहत राशि घटाए जाने के दावे वाली खबर को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यही भाजपा का ‘जुमला मॉडल’ है. पार्टी महासखचिव जयराम रमेश ने जिस खबर का हवाला देकर भाजपा पर निशाना साधा, उसमें कहा गया है कि इस योजना के तहत आठ लाख महिलाओं की सहायता राशि 1500 रुपये से घटाकर सिर्फ 500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है.
उधर, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सरकार की ‘लाडकी बहिन’ योजना जारी रहेगी और इसे खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं है. महाराष्ट्र सरकार की ‘लाडकी बहिन’ योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”यही है भाजपा का जुमला मॉडल! चुनाव के समय (उसे) ‘लाडली बहना’ की याद आती है, लेकिन चुनाव बीतते ही उसी बहना से मुंह मोड़ लिया जाता है. मोदी सरकार की नीतियों ने आम आदमी की आमदनी पहले ही कम कर दी है, ऊपर से महंगाई की मार ने गृहणियों और आम महिलाओं के लिए घर चलाना और मुश्किल कर दिया है.” उन्होंने दावा किया कि सरकार का संदेश साफ है कि एक हाथ से पूंजीपति मित्रों पर पैसे लुटाओ और दूसरे हाथ से जनता की जेब काटो. रमेश ने कहा, ”नतीजा यह है कि आज देश में लाखों परिवार कर्ज के बोझ तले दबे हैं, उनपर उधारी बढ़ती जा रही है, आम महिलाएं घर चलाने और बच्चों की परवरिश के लिए अपना सोना गिरवी रखकर ऋण लेने के लिए मजबूर हैं.”
लाडकी बहिन योजना ‘लगभग समाप्त’ हो गई है: आदित्य ठाकरे
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख लाडकी बहिन योजना “लगभग खत्म हो गई है” और सत्तारूढ़ सरकार लाखों महिलाओं को लाभार्थी सूची से हटाने की योजना बना रही है. ठाकरे ने यहां पार्टी के एक कार्यक्रम में दावा किया कि देवेन्द्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार केवल निर्वाचन आयोग के “आशीर्वाद” के कारण सत्ता में है. उन्होंने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को “राक्षसी” करार दिया. शिवसेना (यूबीटी) नेता ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बयान के एक दिन बाद यह प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने कहा था कि लाडकी बहिन योजना के लिए बजटीय आवंटन किया गया है और इसे खत्म करने का कोई सवाल ही नहीं है.
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं. माना जाता है कि पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव में इस योजना ने महायुति (भाजपा, शिवसेना और राकांपा गठबंधन) की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
ठाकरे ने कहा, “इस बात पर चर्चा चल रही है कि क्या राशि घटाकर 500 रुपये कर दी जाए या लाभार्थियों को 1,500 रुपये दिए जाते रहें. हम 3,000 रुपये (चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन एमवीए का वादा) देने की योजना बना रहे थे.”
उन्होंने कहा, “लाडकी बहिन योजना लगभग समाप्त हो गई है. वह (सरकार) 2,100 रुपये (वादे के अनुसार) नहीं देगी और मुझे संदेह है कि उन्हें (महिलाओं को) 1,500 रुपये भी मिल पाएंगे.” ठाकरे ने कहा, “आपको शर्म आनी चाहिए कि भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने के बाद आपने सरकार के पहले बजट में किसी भी चुनावी वादे को पूरा करने की घोषणा नहीं की.” राज्य के पूर्व मंत्री ने दावा किया कि सरकार लाडकी बहिन योजना की लाभार्थी सूची से लाखों महिलाओं को बाहर करने की योजना बना रही है. शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा, “उन्होंने लाखों महिलाओं को इस योजना से हटा दिया है. वे उन खातों से पैसे वापस ले रहे हैं जिनमें पैसा हस्तांतरित किया गया था. मैंने यह भी सुना है कि पुलिस घोटाले के लिए महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई भी करेगी.”



