सबरीमला. मलयालम कैलेंडर के पवित्र चिंगम महीने की शुरुआत में पांच दिवसीय मासिक पूजा और अनुष्ठान के लिए यहां के प्रसिद्ध भगवान अयप्पा मंदिर के द्वार खोल दिए गए, जिसके बाद बुधवार को यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिर का प्रबंधन करने वाले शीर्ष निकाय त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अधिकारिरयों ने यहां बताया कि इस पवित्र दिन देवता के दर्शन के लिए तड़के से हजारों श्रद्धालु मंदिर आ चुके हैं.
उन्होंने बताया कि मेलसंती (मुख्य पुजारी) एन परमेश्वरन नंबूतिरी ने गर्भगृह के कपाट खोलकर तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदारी राजीवरु के मार्गदर्शन में जैसे ही दीप प्रज्ज्वलित किया, मंदिर परिसर अयप्पा के जयकारों से गूंज उठा. पारंपरिक पूजा के अलावा विशेष अनुष्ठान ‘लक्षार्चन’ किया गया. टीडीबी अध्यक्ष के. अनंतगोपन, सबरीमाला के विशेष आयुक्त मनोज और बोर्ड के अन्य सदस्य उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने तड़के मंदिर में पूजा-अर्चना की.
आवश्यक अनुष्ठानों के बाद, भक्तों को मंगलवार शाम से पवित्र पहाड़ी पर चढ़ायी करने, 18 पवित्र सीढ़ियों पर चढ़ने और मुख्य देवता-भगवान अयप्पा के समक्ष प्रार्थना करने की अनुमति दी गई. मंदिर पांच दिन के लिए 21 अगस्त तक खुला रहेगा. इस दौरान ‘उदयस्थमाया पूजा’, ‘अष्टाभिषेकम’, ‘कालभाभिषेकम’, ‘पदी पूजा’ आदि जैसे अनुष्ठान किए जाएंगे.
मंदिर प्रबंधन सूत्रों ने बताया कि भक्त आॅनलाइन कतार प्रणाली में पंजीकरण कराने के बाद मंदिर में दर्शन कर सकते हैं. तीर्थयात्री आधार शिविर निलक्कल में भी पंजीकरण करा सकते हैं. टीडीबी सूत्रों ने बताया कि अयप्पा मंदिर छह सितंबर को ओणम के लिए खोला जाएगा और 10 सितंबर को बंद कर दिया जाएगा.