राजिम शहर में विशाल धार्मिक समागम का नाम बदलकर ‘राजिम कुंभ (कल्प)’ मेला रखा जाएगा

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने महाशिवरात्रि के दौरान राजिम शहर में आयोजित होने वाले विशाल धार्मिक समागम का नाम बदलकर ‘राजिम कुंभ (कल्प) मेला’ करने का फैसला किया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों के मुताबिक इस मेले को कांग्रेस के शासनकाल के दौरान ‘राजिम माघी पुन्नी मेला’ के नाम से जाना जाता था.

यह निर्णय यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया.
राजिम एक लोकप्रिय ऐतिहासिक तीर्थ स्थल है जो रायपुर जिले से लगे गरियाबंद जिले में महानदी के तट पर स्थित है. देश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग महत्वपूर्ण अवसरों पर नदी में पवित्र स्नान करने के लिए इस स्थान पर आते हैं. हर साल महाशिवरात्रि के दौरान राजिम में एक विशाल सभा आयोजित की जाती है, जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं.

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मंत्रिमंडल ने राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के शहर राजिम के गौरव को बहाल करने के लिए राजिम कुंभ (कल्प) मेले को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है. अब राजिम माघी पुन्नी मेला के स्थान पर राजिम कुंभ (कल्प) मेला का आयोजन किया जाएगा. बयान में कहा गया कि कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ राजिम माघी पुन्नी मेला अधिनियम, 2006 में संशोधन के लिए ‘छत्तीसगढ़ राजिम माघी पुन्नी मेला (संशोधन विधेयक 2024)’ के प्रारूप को मंजूरी दे दी है.

बयान के अनुसार राजिम कुंभ (कल्प) मेले के फिर से शुरू होने से इस मेले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता मिलेगी. विज्ञप्ति में कहा गया कि इसके अलावा, राज्य में सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. वर्ष 2019 में राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस धार्मिक मेले का नाम राजिम कुंभ से बदलकर राजिम माघी पुन्नी मेला कर दिया था. कांग्रेस ने दावा किया था कि इस मेले का प्राचीन नाम राजिम माघी पुन्नी मेला था, जिसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने 2006 में बदल दिया था. हाल के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा राज्य की सत्ता में लौटी है.

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