‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का संदेश अब भी प्रासंगिक : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने रियो डी जेनेरियो में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से बातचीत की

रियो डी जेनेरियो. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वैश्विक संघर्षों के कारण खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट से ‘ग्लोबल साउथ’ के देश सबसे अधिक प्रभावित हैं और जी-20 को इसे दूर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. जी-20 शिखर सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत में पिछले साल आयोजित जी-20 का विषय ”एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” इस शिखर सम्मेलन में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना कि पिछले वर्ष था.

उन्होंने कहा, ”मैं यह कहना चाहूंगा कि वैश्विक संघर्षों के कारण खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट से ‘ग्लोबल साउथ’ के देश सबसे अधिक प्रभावित हैं.” उन्होंने कहा, ”इसलिए हमारी चर्चा तभी सफल हो सकती है जब हम ‘ग्लोबल साउथ’ की चुनौतियों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखें.” ‘ग्लोबल साउथ’ का आशय कमजोर या विकासशील देशों से है. प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी जी-20 के ‘सामाजिक समावेशन और भुखमरी तथा गरीबी के खिलाफ लड़ाई’ विषय पर आयोजित सत्र में की.

मोदी ने वैश्विक शासन की संस्थाओं में सुधार का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, ”जिस तरह हमने नयी दिल्ली शिखर सम्मेलन के दौरान अफ्रीकी संघ को जी-20 की स्थायी सदस्यता देकर ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को बुलंद किया, उसी तरह हम वैश्विक शासन की संस्थाओं में सुधार करेंगे.” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ‘भुखमरी और गरीबी के खिलाफ वैश्विक गठबंधन’ के लिए ब्राजील की पहल का समर्थन करता है. उन्होंने कहा, ”नयी दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन में लिए गए जन-केंद्रित निर्णयों को ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान आगे बढ़ाया गया है.”

उन्होंने कहा, ”यह बहुत संतोष की बात है कि हमने एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) को प्राथमिकता दी. हमने समावेशी विकास, महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और युवा शक्ति पर ध्यान केंद्रित किया. और ‘ग्लोबल साउथ’ की आशाओं और आकांक्षाओं को पंख दिए.” प्रधानमंत्री ने कहा, ”यह स्पष्ट है कि एक पृथ्वी एक परिवार एक भविष्य (विषय)इस शिखर सम्मेलन में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना कि पिछले साल था.”

प्रधानमंत्री मोदी ने रियो डी जेनेरियो में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से बातचीत की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ संक्षिप्त बातचीत की. यह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद उनकी पहली मुलाकात थी. यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि मोदी और बाइडन के बीच क्या बातचीत हुई.

मोदी ने मुलाकात की एक तस्वीर के साथ सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ह्लरियो डी जेनेरियो में जी-20 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ. उनसे मिलकर हमेशा खुशी होती है.ह्व फोटो में मोदी और बाइडन एक-दूसरे का हाथ थाम कर चर्चा करते नजर आ रहे हैं. ब्राजील के इस शहर में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और बाइडन के बीच द्विपक्षीय बैठक को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है.

यदि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच कोई पूर्व-निर्धारित वार्ता नहीं होती है, तो यह संक्षिप्त मुलाकात अगले साल बाइडन द्वारा रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी राष्ट्रपति पद सौंपने से पहले उनकी अंतिम आमने-सामने की मुलाकात हो सकती है.

पांच नवंबर को हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 78 वर्षीय ट्रंप ने अविश्वसनीय वापसी करते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को करारी शिकस्त दी. ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह 20 जनवरी को वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में होना है.
मोदी ने नाइजीरिया की दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद ब्राजील की अपनी यात्रा शुरू की.

जी-20 शिखर सम्मेलन में गरीबी, भुखमरी और जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है. प्रभावशाली समूह के नेताओं द्वारा रूस-यूक्रेन संघर्ष और गाजा की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किये जाने की संभावना है.

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