
भदोही. दिल्ली में संसद भवन परिसर की दीवार पर चढ़ने की कोशिश के आरोप में पकड़े गए भदोही निवासी रामशंकर बिंद (20) को छोड़ दिया गया है. परिवार के सदस्यों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा पूछताछ के बाद कथित तौर पर हिंदी तक नहीं पढ़ पाने वाले रामशंकर को दिल्ली पुलिस ने रविवार को उसके परिवार को सौंप दिया. रामशंकर बिंद के बड़े भाई उमेश कुमार ने बताया कि वह हिंदी नहीं पढ़ सकता और सूरत से घर लौटते समय शायद गलती से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में चढ़ गया होगा.
उन्होंने कहा, “रामशंकर की पत्नी मंजू ने हाल में एक बेटी को जन्म दिया और वह उससे मिलने के लिए भदोही स्थित गांव लौट रहा था.” उमेश ने आशंका जताई कि उसके भाई ने किसी अज्ञात खतरे से बचने के लिए संसद भवन में घुसने की कोशिश की होगी. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के र्किमयों ने शुक्रवार सुबह उसे पकड़ा था जिसके बाद, दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की. परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि अधिकारियों को उसके खिलाफ कोई आपत्तिजनक या संदिग्ध सबूत नहीं मिला और बाद में उसे उसके पिता शिव कुमार बिंद को सौंप दिया गया. वह अब सूर्यभानपुर गांव में अपने घर लौट आया है.



