निशानेबाजी के हटने के बाद भी पदकों की उम्मीद कम नहीं : ठाकुर

नयी दिल्ली. राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी और तीरंदाजी जैसे खेलों के हटने से भारत की पदक संभावनाओं को झटका लगा है लेकिन केन्द्रीय खेल एंव युवा मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को यहां उम्मीद जतायी कि दूसरे खेलों के खिलाड़ी इस कमी को पूरा करेंगे.

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए किट (पोशाक) अनावरण और खिलाड़ियों के विदाई समारोह के मौके पर ठाकुर ने कहा, ‘‘ पिछले (2018 गोल्ड कोस्ट) राष्ट्रमंडल खेलों में हमने सात स्वर्ण सहित 16 पदक सिर्फ निशानेबाजी में जीते थे. इस बार हमें इसकी कमी खलेगी लेकिन इन खेलों में हमारे 215 खिलाड़ी भाग ले रहे है और उम्मीद है कि वे अपनी स्पर्धाओं में अच्छा करेंगे.’’ भारत ने चार साल पहले आॅस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेलों के पिछले सत्र में 26 स्वर्ण सहित कुल 66 पदक के साथ तालिका में तीसरे स्थान पर रहा था. भारत से आगे आॅस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीम थी.

आगामी खेलों में भारतीय खिलाड़ी हल्के नीले और लाल रंग की पोशाक में स्पर्धा करते नजर आयेंगे जबकि उद्घाटन और समापन समारोह में वे गहरे नीले रंग की बंदगला शेरवानी में दिखेंगे. ठाकुर ने इस बात पर खुशी जताई कि र्बिमंघम में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष और महिला खिलाड़ियों की संख्या लगभग बराबर है. इस महीने 28 तारीख से शुरू होने खेलों में 215 खिलाड़ी में 108 पुरुष और 107 महिलाएं हैं. इसके अलावा विभिन्न खेलों से जुड़े 81 सहयोगी सदस्य भी र्बिमंघम जायेंगे.

ठाकुर ने कहा, ‘‘ इस बात की बेहद खुशी है कि राष्ट्रमंडल खेलों में महिला खिलाड़ियों की संख्या पुरुषों के बराबर है . यह अपने आप में बड़ी बात है.  तोक्यो ओलंपिक में भी मीराबाई चानू ने भारत के पदक का खाता खोला था. पीवी सिंधू ने रियो और तोक्यो ओलंपिक में पदक जीता.  हाल ही में निकहत जरीन मुक्केबाजी में विश्व चैम्पियन बनी और भारतीय टीम इसमें तीसरे स्थान पर रही. ’’

ठाकुर ने कहा, ‘‘यह भारतीय राष्ट्रमंडल टीम निश्चित रूप से हमारी सबसे अच्छी और सबसे मजबूत टीम है. मुझे विश्वास है कि हमारे सभी खिलाड़ी भारत को एक बार फिर वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित करेंगे, चाहे जितने पदक जीते हैं. हम सभी को उन पर गर्व है और पदक जीते या ना जीते, पूरा देश उनके साथ खड़ा रहेगा.’’ इन खेलों में हालांकि महिला खिलाड़ियों की संख्या इस लिए भी बढ़ी हैं क्योकि पहली बार महिला क्रिकेट इसका हिस्सा है और भारतीय महिला टीम इसमें पदक  की दावेदार है.

इस मौके पर केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री निसिथ प्रमाणिक , भारतीय ओलंपिक समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष अनिल खन्ना, महासचिव राजीव मेहता, कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडे, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान के साथ इन खेलों में भाग लेने वाले कई खिलाड़ी मौजूद थे.

खन्ना ने कहा, ‘‘खेलों में 215 खिलाड़ियों के साथ मदद के लिए 81 सहयोगी सदस्य भी जा रहे है . इस में कुछ खिलाड़ियों की सहयोगी सदस्यों की निजी जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा रहा है. ’’ मेहता ने इन खेलों में पदक जीतने वालों के लिए इनाम की घोषणा करते हुए कहा कि आईओए सभी पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देगा. उन्होंने कहा, ‘‘ इन खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले 20 लाख रुपये, रजत पदक जीतने वाले को 10 लाख रुपये और कांस्य पदक जीतने वाले को साढ़े सात लाख रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा.

इस कार्यक्रम में हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह और पीआर श्रीजेश के अलावा पहलवान रवि दाहिया, बजरंग पूनिया और दीपक पूनिया के साथ ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, आशीष चौधरी, अमित पंघाल जैसे कई खिलाड़ी मौजूद थे.

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