नयी दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर ”कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले” के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के स्पष्ट संकेत देते हुए बुधवार को कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को उनके नापाक कृत्यों का ”कड़ा जवाब” दिया जाएगा. राजनाथ ने यह भी कहा कि भारत न केवल उन लोगों को ढूंढ़ेगा, जिन्होंने हमला किया, बल्कि उन लोगों का भी पता लगाएगा, जिन्होंने ”पर्दे के पीछे बैठकर” भारतीय धरती पर इस नापाक कृत्य को अंजाम देने की साजिश रची.
आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल पहलगाम में पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. रक्षा मंत्री ने वार्षिक अर्जन सिंह स्मारक व्याख्यान देते हुए ये टिप्पणियां कीं. संबोधन से कुछ घंटे पहले राजनाथ ने लगभग ढाई घंटे की बैठक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह शामिल हुए.
रक्षा मंत्री ने कहा, ”कल पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा धर्म विशेष को निशाना बनाकर किए गए कायराना हमले में हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खो दिया. इस अत्यंत अमानवीय कृत्य ने हम सभी को गहरे दुख और पीड़ा में डाल दिया है.” उन्होंने कहा, ”मैं इस मंच से देशवासियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस घटना के मद्देनजर भारत सरकार हर वह कदम उठाएगी, जो आवश्यक और उचित होगा.” राजनाथ ने कहा, ”भारत इतनी पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है कि वह किसी भी आतंकवादी गतिविधि से भयभीत नहीं हो सकता. ऐसे कृत्यों के लिए जिम्मेदार लोगों को निकट भविष्य में मुंहतोड़ जवाब मिलेगा.”
सीमा पार आतंकवादी घटनाओं के संदर्भ में रक्षा मंत्री ने कहा, ”इतिहास गवाह है कि राष्ट्रों का पतन शत्रु की कार्रवाई के कारण नहीं, बल्कि उनके अपने कुकृत्यों के परिणामस्वरूप हुआ है. मैं उम्मीद करता हूं कि सीमा पार के लोग इतिहास के सबक को अधिक बारीकी से देखेंगे.” राजनाथ ने कहा कि पहलगाम में हुआ हमला ”अत्यंत अमानवीय” है, जिसने ”हम सभी को अत्यंत दुखी कर दिया है.” उन्होंने कहा, ”सबसे पहले मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. दुख की इस घड़ी में मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.” रक्षा मंत्री ने कहा, ”मैं भारत के इस दृढ़ संकल्प को दोहराना चाहूंगा कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति है.” उन्होंने कहा कि भारत का हर नागरिक इस कायराना कृत्य के खिलाफ एकजुट है.
राजनाथ की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में आतंकवादी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में उत्पन्न स्थिति के सभी संभावित पहलुओं पर चर्चा की गई. सूत्रों ने बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया. बताया जा रहा है कि राजनाथ ने सशस्त्र बलों को अपनी युद्ध तत्परता बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज करने का निर्देश दिया.
बैठक में सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, जिसमें सेना की तैनाती भी शामिल थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए मंगलवार को कहा था कि इस ”घृणित कृत्य” के पीछे जो लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा. आतंकवादी हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर कई बैठकें हो चुकी हैं.
मोदी सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा बीच में ही समाप्त कर आज सुबह नयी दिल्ली लौट आए. गृह मंत्री अमित शाह सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए मंगलवार शाम श्रीनगर पहुंचे थे. अपने संबोधन में राजनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि आयात पर निर्भरता के जरिये राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती और सरकार रक्षा संप्रभुता हासिल करने की दिशा में लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि देश में रक्षा उपकरणों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है और रक्षा मंत्रालय के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. राजनाथ ने कहा, ”आज न केवल सार्वजनिक क्षेत्र में रक्षा विनिर्माण में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, बल्कि निजी क्षेत्र भी बड़े उत्साह के साथ इसमें योगदान दे रहा है.”