दिल्ली में ‘महापंचायत’ के लिए जुटे हजारों किसान, यातायात हुआ जाम

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Mon, 22 Aug 2022 09:53 PM
दिल्ली में ‘महापंचायत’ के लिए जुटे हजारों किसान, यातायात हुआ जाम
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नयी दिल्ली.  दिल्ली की सीमाओं पर लगभग एक साल तक चले आंदोलन के खत्म होने के आठ महीने से अधिक समय बाद सोमवार को जंतर मंतर पर बुलाई गई किसान ‘महापंचायत’ में भाग लेने के लिए विभिन्न राज्यों से हजारों कृषकों के यहां पहुंचने के कारण गाजीपुर और ंिसघू बॉर्डर समेत दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर भारी यातायात जाम देखा गया.

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा जंतर मंतर पर आयोजित दिन भर की “महापंचायत” के दौरान अपने संगठनों के झंडे लिए किसानों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और उस पर अपने वादे “पूरे न करने” का आरोप लगाया. उन्होंने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की गिरफ्तारी की भी मांग की, जिन्हें उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में “किसानों के नरसंहार” के लिए जिम्मेदार बताया था.

विभिन्न संगठनों से जुड़े किसानों के दिल्ली पहुंचने के बीच पुलिस ने शहर के सभी प्रवेश ंिबदुओं पर बैरिकेड लगा दिए और राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की जांच की जिससे सड़कों पर भारी जाम देखा गया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह “महापंचायत” के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा था.

गाजीपुर, ंिसघू और टिकरी सहित विभिन्न बार्डर के अलावा, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, पालम फ्लाईओवर, अरंिवदो मार्ग, ंिरग रोड (इंद्रप्रस्थ पार्क के पास), गाजियाबाद-वजीराबाद रोड और मुनिरका रोड सहित विभिन्न सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ.
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलावा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा और केरल जैसे राज्यों के किसान भी “महापंचायत” में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे. इस कार्यक्रम का आयोजन फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून, कृषि ऋण माफी सहित अन्य मांगों को लेकर किया गया.

बाद में, किसानों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित अपनी छह सूत्री मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा. उन्होंने कहा कि भविष्य की कार्रवाई तय करने के लिए एसकेएम (गैर-राजनीतिक) की बैठक मंगलवार को होगी. कई लोग यहां ठहरने के इरादे से जरूरी सामान लेकर आए थे. उन्हें जनपथ और उसके आसपास बैठे देखा गया.

एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के सदस्य और ‘महापंचायत’ के आयोजकों में से एक अभिमन्यु ंिसह कोहाड़ ने कहा, ‘‘हमने अपने नौ सूत्री मांग पत्र पर विचार किया. इसमें एमएसपी पर कानूनी गारंटी और बिजली संशोधन विधेयक 2022 रद्द करने समेत विभिन्न मांग शामिल हैं.’’ केंद्र द्वारा तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने के बाद किसानों द्वारा दिल्ली की सीमाओं पर अपना साल भर का आंदोलन समाप्त किए जाने के पश्वात यह कृषकों की पहली बड़ी सभा थी.

कोहाड़ ने कहा, “महापंचायत समाप्त हो गई है और अब हम अपनी भविष्य की रणनीति तय करने के लिए रकाबगंज गुरुद्वारे में एक बैठक बुलाएंगे.” एसकेएम (गैर-राजनीतिक) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से टूटकर अलग हुआ समूह है. मोर्चा ने केंद्र के तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर साल भर तक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था.

ज्ञापन में किसानों ने कहा कि फसलों पर एमएसपी की गारंटी देने वाला कानून संसद में पारित किया जाना चाहिए, किसानों की आत्महत्या को रोकने के लिए सरकार को कृषि ऋण माफ करना चाहिए और पारित किए जाने से पहले बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 पर किसानों से परामर्श किया जाना चाहिए.

इसमें यह भी कहा गया है कि केंद्र को मुक्त व्यापार समझौतों को समाप्त करना चाहिए और मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता को रोकना चाहिए क्योंकि इनमें से कई समझौते कृषि पर गंभीर प्रभाव डालते हैं. एसकेएम (गैर-राजनीतिक) नेताओं ने दावा किया कि कुछ स्थानों पर किसानों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोक दिया गया. हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है. लोगों ने किसान एकता के समर्थन में नारे लगाए और केंद्र पर अपने वादों को “पूरा नहीं करने” का आरोप लगाया. पंजाब से आए किसान माघा निबोरी ने कहा कि वह जरूरत पड़ने पर ठहरने के लिए पूरी तरह से तैयार होकर आए हैं.

उन्होंने कहा, “हम गरीब किसान हैं. कोई हमारी मदद नहीं कर रहा है. हमारे लिए कुछ नहीं किया जा रहा है. हमने पिछले साल (कृषि विरोधी कानूनों) आंदोलन में भी भाग लिया था. सरकार ने हमें आश्वासन दिया था कि वह हमारी मांगों को सुनेगी लेकिन कुछ भी नहीं किया जा रहा है.’’ भारी सुरक्षा उपायों के कारण शहर भर में यातायात प्रभावित रहा. यातायात पुलिस ने यात्रियों को यातायात की स्थिति के बारे में सूचित किया और उन्हें उसके हिसाब से यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी.

पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) प्रियंका कश्यप ने कहा, ‘‘सख्त सुरक्षा व्यवस्था और खतरे की आशंका को देखते हुए कुछ लोगों या प्रदर्शनकारियों को गाजीपुर सीमा पर रोक दिया गया. पुलिस ने ट्वीट कर वाहन चालकों को टॉलस्टाय मार्ग, संसद मार्ग, जनपथ, अशोक रोड, कनॉट प्लेस आउटर सर्कल, बाबा खड़क ंिसह मार्ग और पंडित पंत मार्ग से बचने को कहा. किसान नेता राकेश टिकैत को दिल्ली पुलिस ने रविवार को गाजीपुर सीमा पर उस समय हिरासत में ले लिया था जब वह जंतर-मंतर पर बेरोजगारी के विरोध में एक प्रदर्शन में भाग लेने के लिए राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे.

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