तीन निदेशकों, एचएसई प्रमुख ने रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी से दिया इस्तीफा

नयी दिल्ली. रूस की दिग्गज ऊर्जा कंपनी रोसनेफ्ट सर्मिथत तेल रिफाइनर नायरा एनर्जी पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंध के बाद स्वास्थ्य, सुरक्षा और पर्यावरण (एचएसई) के प्रमुख सहित दो वरिष्ठ अधिकारियों और तीन निदेशकों ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है. मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि नायरा एनर्जी के निदेशक मंडल में शामिल विक्टोरिया कनिंघम, एवरिल मैरी ऐनी कॉनरॉय और जॉर्ग टुमैट ने इस महीने की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था. इसके अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एचएसई प्रमुख बारबरा (हॉफबॉयर) ओबरहाउसर ने भी इस्तीफा दे दिया है. यूरोपीय संघ के रूस के खिलाफ नए उपायों के तहत नायरा पर प्रतिबंध लगाए जाने के तुरंत बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी एलेसेंड्रो डेस डोरिडेस ने भी कंपनी छोड़ दी थी. इस बारे में कंपनी की प्रतिक्रिया जानने के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला.

सूत्रों ने बताया कि डेस डोरिडेस और इस्तीफा देने वाले तीनों निदेशक यूरोपीय थे. यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के बाद उनके लिए कंपनी में बने रहना संभव नहीं था. ओबरहाउसर ऑ्ट्रिरया से थे और उन्होंने नवंबर, 2022 से जुलाई, 2025 के बीच नयारा में एचएसई प्रमुख के रूप में काम किया था.

सूत्रों ने बताया कि एक अन्य अधिकारी, जो रिफाइनरी संचालन में व्यावहारिक रूप से दूसरे स्थान पर थे, ने भी इसी कारण से इस्तीफा दे दिया है. नयारा ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपने खिलाफ यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों को अन्यायपूर्ण और भारत के हितों के लिए हानिकारक बताते हुए उनकी निंदा की थी. कंपनी ने यह भी कहा था कि वह कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है. रोसनेफ्ट की नायरा एनर्जी लिमिटेड, जिसे पहले एस्सार ऑयल लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, में 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

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