
अमरावती. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री को ”आदतन झूठ बोलने वाला” करार देते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने तिरुपति लड्डू में मिलावट के मुद्दे पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चंद्रबाबू नायडू को फटकार लगाने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र में जगन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने के वास्ते इतने निचले स्तर पर उतर गए हैं.
श्री वेंकटेश्वर स्वामी के समृद्ध मंदिर के संरक्षक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में घी स्वीकार करने की प्रक्रिया का विवरण देते हुए जगन ने आठ पृष्ठों के पत्र में आरोप लगाया कि नायडू के कृत्यों ने न केवल मुख्यमंत्री पद की प्रतिष्ठा को गिराया है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में सभी लोगों को भी आहत किया है. साथ ही, टीटीडी और उसकी परंपराओं की पवित्रता को भी ठेस पहुंचाई है.
जगन ने अपने पत्र में लिखा, ”महोदय, इस समय पूरा देश आपकी ओर देख रहा है. यह बहुत जरूरी है कि नायडू को झूठ फैलाने के उनके बेशर्म कृत्य के लिए कड़ी से कड़ी फटकार लगाई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए. महोदय, इससे करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं के मन में नायडू द्वारा पैदा किये गए संदेह को दूर करने में मदद मिलेगी और टीटीडी की पवित्रता में उनका विश्वास बहाल होगा.”
घटनाक्रम की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना जरूरी है कि कथित रूप से मिलावटी घी को अस्वीकार कर दिया गया था और उसे टीटीडी के परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी. हालांकि, नायडू ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से 18 सितंबर को एक राजनीतिक पार्टी की बैठक में इस मुद्दे को उठाया.
कुछ दिन पहले, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल की बैठक के दौरान तेदेपा सुप्रीमो ने दावा किया था कि पूर्ववर्ती वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया.
इसके दो दिन बाद, 20 सितंबर को टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रयोगशाला जांच में, चयनित नमूनों में पशु चर्बी और सूअर की चर्बी की मौजूदगी का पता चला है और बोर्ड ”मिलावटी” घी की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार को काली सूची में डालने की प्रक्रिया में है.



