
कानपुर: कानपुर में वीआईपी रोड पर रविवार दोपहर तंबाकू कारोबारी के बेटे ने अपनी लैंबोर्गिनी कार से फर्राटा भरते समय ऑटो, बुलेट में टक्कर मार दी। इसके बाद खुद भी बेकाबू होकर कार फुटपाथ पर चढ़ गई। कार की चपेट में आने से वाहन सवारों समेत चार लोग घायल हो गए। लोगों ने कार को घेर लिया तभी लैंबोर्गिनी के पीछे चल रही कार से आए बाउंसरों ने लोगों को धक्कामुक्की कर हटाया। कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकालने के बाद निजी अस्पताल भेजा। चालक को दौरा आने के कारण हादसा होने का दावा किया जा रहा है।
आर्यनगर निवासी केके मिश्रा तंबाकू के बड़े कारोबारी हैं। उनके बेटे शिवम रविवार दोपहर अपनी लैंबोर्गिनी कार से ग्रीन पार्क की ओर जा रहे थे। अचानक रिंग वाले चौराहे के पास कार बेकाबू हो गई। सड़क किनारे खड़ी ऑटो, बुलेट में टक्कर मारने के बाद फुटपाथ पर चढ़ गई। फुटपाथ पर खड़े होकर दोस्त का इंतजार कर रहे चमनगंज निवासी तौफीक अहमद के पैर में चोट आई है। वहीं, बुलेट सवार खलासी लाइन निवासी विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी जख्मी हो गए। हादसे के बाद लक्जरी कार और घायलों को देखने वालों की भीड़ जुट गई।
क्षेत्रीय लोगों ने कार को घेर लिया। तभी लैंबोर्गिनी कार सवार के सुरक्षाकर्मियों ने चालक को कार से बाहर निकालने की कोशिश की तो लोगों ने विरोध किया और पुलिस को सूचना दी। इस बीच सुरक्षा कर्मियों ने ईंट से कार का शीशा तोड़कर चालक को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला और अस्पताल ले गए। लोग कार की फोटो और वीडियो बना रहे थे। कुछ सुरक्षा कर्मियों ने कार मालिक की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट तोड़ने की कोशिश की। वहीं, सूचना पर पहुंची ग्वालटोली पुलिस घायल तौफीक को उर्सला भेजा और लक्जरी कार को ग्वालटोली थाने ले गई।
पुलिस ने डलवाया कार पर कवर
थाने में खड़ी करोड़ों की कीमत की कार को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी। इस पर पुलिस ने कार पर कवर डलवा दिया। इसके बावजूद लोग गाड़ी को देखने के लिए जमे रहे। डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर उसके आधार पर रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।
महंगी गाड़ी व शौक के लिए चर्चा में आया था तंबाकू कारोबारी का परिवार
बंशीधर श्रीराम फर्म के नाम से तंबाकू कारोबार करने वाले केके मिश्रा और उनके बेटे शिवम मिश्रा लैंबोर्गिनी हादसे के बाद एक बार फिर चर्चा में हैं। इससे पहले आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई के कारण परिवार सुर्खियों में आया था। शहर में उनकी महंगी गाड़ियां और आलीशान जीवनशैली लंबे समय से चर्चा का विषय रही है।
आयकर विभाग ने चार मार्च 2024 को कानपुर, गुजरात और दिल्ली स्थित ठिकानों पर पांच दिन तक छापा मारकर बड़े पैमाने पर अघोषित संपत्ति का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान 70 से 80 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला था।
करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य की कई लग्जरी गाड़ियां, लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये की पांच महंगी घड़ियां, साढ़े चार करोड़ रुपये नकद और करीब ढाई करोड़ रुपये के आभूषण जब्त किए गए थे। जांच में 17 संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले थे और छह मुखौटा कंपनियों का खुलासा हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार इन कंपनियों के जरिये कथित तौर पर काले धन को सफेद किया जाता था जबकि आयकर रिटर्न में सालाना ढाई से तीन करोड़ रुपये की आय दिखाई जाती थी। जांच में वास्तविक कमाई इससे कहीं अधिक होने के संकेत मिले थे।



