मुंबई. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक कांस्टेबल द्वारा ट्रेन में चार लोगों की कथित रूप से गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना की जांच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति के सदस्य यहां पहुंच गए हैं और उनके संबंधित अधिकारियों से मुलाकात करने की संभावना है. राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जीआरपी ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करेगी.
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में सोमवार को हुई घटना की व्यापक स्तर पर जांच करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. अधिकारियों ने बताया कि कांस्टेबल चेतन सिंह (33) ने पालघर रेलवे स्टेशन के पास अपने स्वचालित हथियार से आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक टीकाराम मीणा और तीन अन्य यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी.
जांच समिति में पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक और पश्चिम मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी शामिल हैं.
अधिकारियों ने बताया कि समिति से इस मामले में रेलवे बोर्ड को अगले तीन महीने में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
पश्चिम रेलवे ने एक बयान में कहा, ”इस घटना में मारे गए यात्रियों के लिए 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है. सहायक उपनिरीक्षक टीकाराम के परिवार को सेवा नियमों के अनुसार अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी.” अन्य यात्रियों द्वारा जंजीर खींचे जाने पर मीरा रोड (मुंबई का उपनगरीय रेलसेवा पर स्थित) स्टेशन के पास ट्रेन रुकने के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे हथियार सहित पकड़ लिया गया.
रेलवे पुलिस ने मारे गए दो यात्रियों की पहचान पालघर के नालासोपारा निवासी 58 वर्षीय अब्दुल कादरभाई मोहम्मद हुसैन भानपुरवाला और बिहार के मधुबनी निवासी 48 वर्षीय असगर अब्बास शेख के तौर पर की है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ जीआरपी अधिकारी ने मंगलवार को तीसरे यात्री की पहचान 43 वर्षीय सैयद के तौर पर की, उसके परिवार का पता लगा लिया गया है बुधवार को शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया कि ट्रेन में हुई गोलीबारी में मारे गए चौथे व्यक्ति की पहचान नमपल्ली के बजारघाट निवासी सैयद सैफुल्लाह के तौर पर की गई है. उन्होंने बताया कि मृतक की तीन बेटियां हैं और सबसे छोटी बेटी की उम्र महज छह महीने है.
ओवैसी ने ट्वीट किया, ” एआईएमआईएम के नमपल्ली से विधायक जफर हुसैन पिछले कई घंटों से पीड़ित के परिवार के साथ हैं और शव को हैदराबाद लाने के लिए अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से अनुरोध है कि इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार की मदद करें.” जीआरपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जीआरपी अपनी जांच के तहत ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करेगी.
अधिकारी ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल को पहले नगर निगम द्वारा संचालित शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे किसी अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया. उन्होंने कहा कि कि आरोपी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि उसने यह कदम क्यों उठाया.
इस बीच, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कार्यकर्ताओं ने हादसे में चार लोगों के मारे जाने के खिलाफ ठाणे में मौन प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राकांपा के स्थानीय विधायक जितेंद्र अव्हाड ने आरोप लगाया कि पुलिस पूरे मामले की लीपापोती करने की कोशिश कर रही है.
आरोपी आरपीएफ कांस्टेबल को सात अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजा गया
मुंबई की एक अदालत ने चलती ट्रेन में अपने वरिष्ठ सहकर्मी और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कांस्टेबल चेतन सिंह को मंगलवार को सात अगस्त तक राजकीय रेलवे पुलिस की हिरासत में भेज दिया. पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल की हिरासत मांगते हुए अदालत से कहा कि उसकी मानसिक स्थिति की अभी जांच नहीं की गई है और वह सहयोग नहीं कर रहा है.
इससे पहले, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि 33 वर्षीय आरोपी बहुत गुस्सैल है. सिंह को अपराह्न करीब डेढ. बजे कड़ी सुरक्षा के बीच यहां मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया. सिंह को थाने से बोरीवली की स्थानीय अदालत में लाने पर जीआरपी अधिकारियों ने मीडिया की नजरों से बचने के लिए अपने वाहन की खिड़की के शीशे को टी-शर्ट और शर्ट का इस्तेमाल कर ढक दिया.
मजिस्ट्रेट ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मीडिया को अदालत कक्ष में आने से रोक दिया. मामले से नहीं जुड़े वकीलों को भी कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई. जीआरपी ने मामले को गंभीर बताते हुए सिंह की 14 दिन की हिरासत मांगी. जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी की मेडिकल जांच होनी बाकी है.
पुलिस ने अदालत को बताया कि घटना चलती ट्रेन में हुई. घटनाओं के अनुक्रम की अभी जांच की जानी है और अधिक सबूत एकत्र किए जाने हैं. पुलिस ने अदालत में कहा कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और गुमराह करने वाला जवाब दे रहा है. आरोपी के कृत्य के पीछे का कारण जानने के लिए गहन जांच की आवश्यकता है.
पुलिस ने कहा कि सिंह ने ट्रेन में ‘एस्कॉर्ट ड्यूटी’ के दौरान अपने वरिष्ठ सहयोगी की गोली मारकर हत्या कर दी और यह पता लगाने की जरूरत है कि क्या घटना के दिन ड्यूटी के दौरान दोनों के बीच कोई विवाद हुआ था. पुलिस ने कहा कि अभी इसकी जांच होनी बाकी है कि क्या सिंह ने किसी के कहने पर यह अपराध किया. दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को सात अगस्त तक जीआरपी की हिरासत में भेज दिया.