आर जी कर घटना से ध्यान भटकाने के लिए तृणमूल सरकार ने नया बलात्कार रोधी विधेयक पेश किया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 03 Sep 2024 08:08 PM
आर जी कर घटना से ध्यान भटकाने के लिए तृणमूल सरकार ने नया बलात्कार रोधी विधेयक पेश किया
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कोलकाता/नयी दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक चिकित्सक की हत्या को लेकर जनता के गुस्से और विरोध से ध्यान भटकाने के लिए नया बलात्कार रोधी विधेयक पेश किया.

विधेयक पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने कहा, ”हम नए विधेयक का पूरा समर्थन करेंगे और इस पर वोटिंग की मांग नहीं करेंगे.” उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के दौरान महिलाओं से दुष्कर्म और यौन शोषण की घटनाओं को रोकने में विफल रही. अधिकारी ने विधेयक के पारित होने के बाद राज्य सरकार से इसे तुरंत लागू करने की मांग की.

नेता प्रतिपक्ष ने पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में यौन शोषण और दुष्कर्म के संबंध में मीडिया की खबरों का हवाला दिया और आरोप लगाया कि इनमें से किसी भी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच नहीं संभाली, फिर भी राज्य की जांच एजेंसियां ??दोषियों को गिरफ्तार करने और उन्हें कड़ी सजा दिलाने में ”विफल” रहीं.

अधिकारी ने कहा, ”हम चाहते हैं कि विधेयक पारित होने के बाद इसे तत्काल लागू किया जाए. मैं मांग करता हूं कि मेरे द्वारा सुझाए गए संशोधनों जिनमें शिकायत पर कार्रवाई करने में किसी भी विफलता के लिए संबंधित पुलिस थाने के खिलाफ कार्रवाई करना और जांच में विफलता साबित होने पर संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मेरी सिफारिश को विधेयक में शामिल किया जाना चाहिए.” विधानसभा अध्यक्ष बिमन बंद्योपाध्याय ने कहा कि अधिकारी द्वारा मीडिया की खबरों में पिछली घटनाओं का किया गया उल्लेख और मुख्यमंत्री से संबंधित भाजपा की अन्य मांग को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा.

ध्यान भटकाने की रणनीति के तहत बंगाल में पारित कराया गया बलात्कार रोधी विधेयक: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में बलात्कार रोधी विधेयक पारित किए जाने को आर जी कर अस्पताल में बलात्कार-हत्या की घटना से ध्यान भटकाने की रणनीति करार दिया और मंगलवार को राज्य सरकार से सवाल किया कि क्या संदेशखालि यौन शोषण मामले के मुख्य आरोपी को कानून के तहत मौत की सजा मिलेगी? पिछले महीने कोलकाता के सरकारी आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मद्देनजर विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया गया.

‘अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून एवं संशोधन) 2024’ पेश किए जाने के बाद ममता ने विधानसभा में कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य त्वरित जांच, त्वरित न्याय प्रदान करना और दोषी की सजा बढ.ाना है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने संवाददाताओं से बातचीत में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर महिलाओं के प्रति ‘असंवेदनशील’ होने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, ”दीदी (बनर्जी) ने दबाव में कानून बनाया है. आर जी कर अस्पताल की बलात्कार-हत्या की घटना से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है. वह इसे पहले क्यों नहीं लाईं? उन्होंने पहले सहानुभूति क्यों नहीं दिखाई?” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे चौहान ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान राज्य ने 2017 में ऐसा ही कानून बनाया था और इसके तहत अब तक 42 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है.

उन्होंने बनर्जी से जानना चाहा कि क्या आर जी कर मेडिकल कॉलेज मामले के दोषियों और तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता तथा संदेशखालि यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख जैसे लोगों को भी नए कानून के तहत मौत की सजा मिलेगी.
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल के संदेशखाली इलाके में कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी.
उन्होंने कहा, ”दीदी को जवाब देना चाहिए. क्या शाहजहां शेख जैसे लोगों को भी इस कानून के तहत मौत की सजा मिलेगी? ऐसा ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है. ऐसा कानून बनाने का कोई मतलब नहीं है.”

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