अमेरिका में सोमालिया के प्रवासियों को पसंद नहीं करते ट्रंप, स्वदेश जाने का किया आग्रह

ट्रंप को भारत-पाकिस्तान जैसे मुश्किल शांति समझौते कराने के लिए श्रेय मिलना चाहिए: रूबियो

वाशिंगटन/न्यूयॉर्क. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह देश में रह रहे सोमालियाई प्रवासियों को पसंद नहीं करते.
ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि युद्धग्रस्त पूर्वी अफ्रीकी देश सोमालिया के लोग अमेरिकी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं जबकि इसके बदले में अमेरिका को शायद ही कुछ मिलता हो.

ट्रंप अमेरिका में रह रहे सोमाली प्रवासी समुदाय पर लगातार निशाना साध रहे हैं. नब्बे के दशक से सोमालिया के लोग शरणार्थियों के रूप में मिनेसोटा और अन्य राज्यों में आते रहे हैं. ट्रंप ने अमेरिकी नागरिक बन चुके सोमालियाई लोगों और गैर-नागरिकों दोनों के लिए यह बात कही. कुछ दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि वाशिंगटन में नेशनल गार्ड के दो जवानों पर गोलीबारी के बाद वह सभी विदेशियों को अमेरिका में शरण दिए जाने पर रोक लगा रहे हैं.

पिछले सप्ताह हुई घटना का संदिग्ध मूल रूप से अफगानिस्तान का रहने वाला था, लेकिन ट्रंप ने इस घटना के आधार पर सोमालिया समेत विभिन्न देशों से आए आप्रवासियों पर भी सवाल खड़े कर दिए. ट्रंप ने मंत्रिमंडल बैठक के अंत में पत्रकारों से कहा, ”वे कोई योगदान नहीं करते. मैं उन्हें अपने देश में नहीं चाहता. उनका देश किसी भी लिहाज से अच्छा नहीं है. उनका देश बेकार है और हम उन्हें अपने देश में नहीं चाहते.” ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में रहने वाले सोमालियाई लोगों को ”वापस वहीं जाना चाहिए, जहां से वे आए हैं, और उसे (सोमालिया को) ठीक करना चाहिए.”

ट्रंप को भारत-पाकिस्तान जैसे मुश्किल शांति समझौते कराने के लिए श्रेय मिलना चाहिए: रूबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “भारत-पाकिस्तान जैसे मुश्किल” शांति समझौतों समेत कई शांति समझौते कराए हैं और वह देश की विदेश नीति को नया रूप देने के लिए “खास श्रेय” के हकदार हैं. मंगलवार को राष्ट्रपति कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में रूबियो ने कहा कि कई दशकों में पहली बार अमेरिका को “सुरक्षित, मजबूत और अधिक समृद्ध” बनाने की सोच के साथ विदेश नीति पर काम हुआ है.

रूबियो ने कहा, “बाकी सभी शांति समझौतों का कोई जिक्र नहीं करूंगा लेकिन भारत और पाकिस्तान या कंबोडिया और थाईलैंड जैसे बहुत ही मुश्किल समझौतों का उल्लेख करना जरूरी है. मेरा मानना है कि हमारी विदेश नीति को नया रूप देने के लिए राष्ट्रपति को खास श्रेय मिलना चाहिए.” इससे पहले ट्रंप ने मंत्रिमंडल बैठक के दौरान दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान विवाद समेत विभिन्न वैश्विक मुद्दों को सुलझाया है.

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “आठ युद्ध” रुकवाए हैं और हरेक के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए. उन्होंने रूस-यूक्रेन मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा, “हमने आठ युद्ध रुकवाए… अब हम एक और रुकवाने जा रहे हैं. मेरी ऐसी सोच है, मुझे ऐसी उम्मीद है.”

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