नारायणपुर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो महिला नक्सली ढेर

नारायणपुर. छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों को मार गिराया है. पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि जिले के अबूझमाड़ इलाके में कोहकामेटा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो महिला नक्सली माओवादियों की कुतुल एरिया कमेटी की सदस्य सीमा और पार्टी सदस्य लिंगे उर्फ रांझू को मार गिराया है.

सुंदरराज ने बताया कि नक्सली सीमा के सिर पर पांच लाख रुपये तथा लिंगे पर एक लाख रुपये का इनाम था. अधिकारी ने बताया कि माओवादियों के माड़ डिवीजन के वरिष्ठ कैडरों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों को बुधवार को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया था. इस अभियान में नारायणपुर और कोंडागांव जिलों के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवान, विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 41वीं और 45वीं बटालियन के जवान शामिल थे.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार शाम को जब सुरक्षाबलों के जवान क्षेत्र में थे तब सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई. सुंदरराज ने कहा, ”आज सुबह घटनास्थल से दो महिला नक्सलियों के शव, आठ राउंड गोलियां और एक मैगजीन, एक इंसास राइफल, चार राउंड के साथ एक देशी .315 बोर राइफल, .303 राइफल के पंद्रह राउंड, गोला-बारूद, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य और विभिन्न दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गईं.” उन्होंने बताया कि मृत नक्सलियों की पहचान सीमा और लिंगे के रूप में की गई है. दोनों सुकमा जिले के निवासी थे.

अधिकारी ने बताया कि मारी गई दोनों नक्सलियों के कैडर प्रोफाइल और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. सुंदरराज ने कहा, ”सुरक्षा बल माओवादी गतिविधियों के विरुद्ध अभियान को मानसून के दौरान भी निरंतर जारी रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पास अब आत्मसमर्पण और हिंसा छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.” उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे तुरंत हिंसात्मक गतिविधियां त्याग कर मुख्यधारा से जुड़ें, अन्यथा उन्हें सख्त कार्रवाई और गंभीर परिणामों के लिए तैयार रहना होगा.

नक्सलियों के खिलाफ इस कार्रवाई के साथ ही इस वर्ष अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में 214 नक्सली मारे गए हैं. उनमें से 197 बस्तर संभाग में मारे गए हैं. बस्तर संभाग में बीजापुर, बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिले शामिल हैं.

वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद से छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तेज हो गए हैं तथा इस दौरान अलग-अलग मुठभेड़ों में वरिष्ठ कैडरों समेत 420 से अधिक नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता तब मिली जब उन्होंने 21 मई को बस्तर क्षेत्र में प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (70) को मार गिराया था.

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