उद्धव ने ‘भगवा’ विचारधारा छोड़ दी, जनता उन्हें माफ नहीं करेगी: भाजपा नेता बावनकुले

ठाणे में उद्धव के काफिले पर हमला: मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, यह सिर्फ क्रिया की प्रतिक्रिया

मुंबई/ठाणे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को शिवेसना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने ‘भगवा’ विचारधारा छोड़ दी है और छत्रपति शिवाजी महाराज की ‘विरासत से खुद को दूर’ कर लिया है. उन्होंने कहा कि जनता उद्धव ठाकरे को माफ नहीं करेगी.

इससे एक दिन पहले, ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली के आगे “झुक” गए हैं. उन्होंने कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव उन लोगों के खिलाफ लड़ाई है, जो राज्य से “नफरत” करते हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता ही उनके ‘वाघ-नख’ हैं. उन्होंने ‘वाघ-नख’ का जिक्र ऐतिहासिक लड़ाइयों में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार के एक प्रतीकात्मक संदर्भ में किया. जब केंद्रीय गृह मंत्री ने ठाकरे पर “औरंगजेब फैन क्लब” का प्रमुख होने का आरोप लगाया था, तो इसके जवाब में पिछले महीने ठाकरे ने भाजपा नेता अमित शाह को “अहमद शाह अब्दाली” करार दिया था.

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बावनकुले ने कहा, “औरंगजेब फैन क्लब के नेता उद्धव ठाकरे ने ठाणे जाकर भाजपा को राम मुक्त बनाने के बारे में खूब शोर मचाया, लेकिन यह आपके लिए इस जीवनकाल में संभव नहीं होगा.” उन्होंने ठाकरे की रैलियों में हरे झंडों की मौजूदगी के लिए उनकी आलोचना की और ठाकरे के आवास के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया, जहां मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी को वोट देने के बाद वक्फ बोर्ड के प्रति उनके समर्थन की कमी पर सवाल उठाया था.

बावनकुले ने ठाकरे पर छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत छोड़ने, “औरंगजेब के उत्तराधिकारियों की पालकी” उठाने और “भगवा” त्यागने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “यह आपके पतन की शुरुआत है. निजी लाभ के लिए आप पूज्य बालासाहेब को भूल गए, जनता आपको माफ नहीं करेगी.” इससे एक दिन पहले महा विकास आघाडी (एमवीए) के गठबंधन सहयोगियों ने ठाणे में उद्धव ठाकरे के काफिले पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) कार्यकर्ताओं के हमले को रोकने में विफल रहने के लिए गठबंधन सरकार पर निशाना साधा था.

ठाकरे शनिवार को ठाणे के गडकरी रंगायतन सभागार में एक कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे, तभी मनसे के कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उनके काफिले पर टमाटर व गोबर फेंका. पुलिस ने मनसे के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. इससे पहले शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सदस्यों ने बीड में मनसे प्रमुख राज ठाकरे के काफिले पर सुपारी फेंकी थी.

इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने रविवार को कहा, “अब्दाली को यह देखकर मजा आता है कि मराठी लोग आपस में लड़ रहे हैं.” राउत ने दावा किया कि अब्दाली ने कुछ लोगों को विभाजन पैदा करने के लिए “ठेके” पर रखा है, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. राज ठाकरे के काफिले पर हमले के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कोई जवाब नहीं दिया और इसे मराठा आरक्षण की वकालत करने वाले व्यक्तियों का मामला बताया. उन्होंने (उद्धव ठाकरे के काफिले को निशाना बनाने वाले) हमलावरों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें जारी राजनीतिक तनाव के बीच अपने परिवारों के बारे में सोचना चाहिए.

उन्होंने कहा, “मैं सभी से दो महीने तक इंतजार करने का अनुरोध करता हूं. आने वाले समय में इस हरकत के प्रति प्रतिक्रिया का पता चलेगा.” इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने भी उद्धव ठाकरे के काफिले पर हमले की निंदा की. उन्होंने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और शिवसेना (यूबीटी) नेता की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की.

ठाणे में उद्धव के काफिले पर हमला: मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, यह सिर्फ क्रिया की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा है कि ठाणे में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के काफिले को निशाना बनाया जाना ”क्रिया की प्रतिक्रिया” है. शनिवार को जब ठाकरे यहां गडकरी रंगायतन सभागार में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक बैठक के लिए पहुंचे तो राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और उनके काफिले पर गोबर और टमाटर फेंके.

घटना के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए शिंदे ने शनिवार रात कहा, ”इसकी शुरुआत किसने की? शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद में राज ठाकरे के काफिले को निशाना बनाया. यह सिर्फ क्रिया की प्रतिक्रिया थी.” उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे और शिवसेना नेता आनंद दिघे के विचारों को त्याग दिया है, उन्हें ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा. शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) समर्थकों ने बीड शहर में उद्धव के चचेरे भाई राज ठाकरे के काफिले पर सुपारी फेंकी थी.

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