अमेरिकी शांति योजना पर चर्चा के लिए यूक्रेन और पश्चिमी देशों की जिनेवा में बैठक

जिनेवा. रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका की प्रस्तावित शांति योजना पर यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी देशों के बीच जिनेवा में वार्ता हो रही है. यूक्रेन के अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख, राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ आंद्रेई यरमक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ अपनी पहली बैठक की. पश्चिमी देशों ने योजना को संशोधित करने के लिए यूक्रेन के पक्ष में एकजुटता दिखाई है.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ सैन्य सचिव डैन ड्रिस्कॉल और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के वार्ता में शामिल होने की संभावना है. यरमक ने कहा, ”अगली बैठक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ है. हमें सार्थक वार्ता की उम्मीद है. हम यूक्रेन में स्थायी और न्यायसंगत शांति स्थापित करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे.” करीब चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा तैयार किए गए 28 सूत्री प्रस्ताव ने यूक्रेन और अन्य देशों में चिंता पैदा कर दी है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि उनके देश को अपने संप्रभु अधिकारों के लिए खड़े होने और आवश्यक अमेरिकी समर्थन को बनाए रखने के बीच एक कठिन विकल्प का सामना करना पड़ सकता है.

इस योजना में रूस की कई मांगों को स्वीकार किया गया है, जिन्हें जेलेंस्की ने कई मौकों पर स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया है. योजना के तहत यूक्रेन को कई क्षेत्रों से अपना दावा खत्म करना होगा. जेलेंस्की ने संकल्प जताया है कि यूक्रेन के लोग “हमेशा अपने वतन की रक्षा करेंगे.” फ्रांस की मंत्री एलिस रूफो ने रविवार की वार्ता से पहले ‘फ्रांस इन्फो’ से कहा कि चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में यूक्रेनी सेना पर प्रतिबंध के मुद्दे शामिल होंगे, जिसे उन्होंने “यूक्रेन की संप्रभुता पर पाबंदी” के रूप में र्विणत किया.

ट्रंप ने शनिवार को ‘व्हाइट हाउस’ के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव उनका “अंतिम प्रस्ताव” नहीं है. उन्होंने कहा, “मैं शांति चाहता हूं. यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था. रूस-यूक्रेन युद्ध कभी नहीं होना चाहिए था. किसी न किसी तरह, हमें इसे ख.त्म करना ही होगा.” अमेरिका के राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस योजना को उनका अंतिम प्रस्ताव न मानने का उनका क्या मतलब है और ‘व्हाइट हाउस’ ने स्पष्टीकरण के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button