
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित बेरोजगारी भत्ता योजना के हितग्राहियों को अगस्त 2023 की राशि का अंतरण किया. साथ ही उन्होंने आई.टी.आई. के प्रशिक्षण अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया. उन्होंने इस अवसर पर 1 लाख 29 हजार 886 युवाओं को बेरोजगारी भत्ते के तहत 34 करोड़ 55 लाख 65 हजार रूपये की राशि का वर्चुवल रूप से अंतरण किए. इसके साथ ही वे आई.टी.आई. में प्रशिक्षण अधिकारी पद के लिए चयनित 82 अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए.
मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार द्वारा संचालित बेरोजगारी भत्ता योजना के अंतर्गत अब तक 146 करोड़ 98 लाख रूपये की राशि बेरोजगारों को अंतरित कर चुके है. उन्होंने बताया कि बेरोजगारी भत्ता योजना का उद्देश्य शिक्षित-बेरोजगार युवाओं को केवल आर्थिक संबल प्रदान करना भर नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना भी है. सही मायनों में मुझे तब खुशी होती है जब किसी बेरोजगार को रोजगार मिलता है.
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लगातार प्लेसमेंट कैंपों का आयोजन किया जा रहा है. सार्वजनिक अथवा निजी क्षेत्र में जहां भी रोजगार के नये अवसर निर्मित होते हैं, उनका लाभ शिक्षित-बेरोजगारों तक पहुंचाया जा रहा है. इसी योजना में अभी तक हम 6 हजार 692 लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ चुके हैं. इनमें से 4 हजार 718 युवा बेरोजगारी भत्ता प्राप्त कर रहे थे. हाल में ही हमने 42 हजार सरकारी पदों के लिए भर्तियां निकालीं है. भर्ती की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है. आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारियों के 920 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे, जो आवेदन पात्र पाए गए हैं उनमें से पहले चरण में 82 लोगों को सत्यापन के बाद नियुक्ति आदेश जारी किए जा रहे हैं. आज के इस कार्यक्रम में इन अधिकारियों को नियुक्ति-पत्रों का वितरण भी किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि लाइवलीहुड कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि के माध्यम से हम युवाओं को कौशल प्रशिक्षण भी दे रहे हैं, ताकि वे अपने हुनर से आसानी से रोजगार हासिल कर सकें. वर्तमान में 07 हजार 200 युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. शीघ्र ही 1782 और युवाओं का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा. हाल ही में हमने 36 शासकीय आईटीआई में नए कोर्स आरंभ करने टाटा टेक्नोलॉजी के साथ एमओयू किया है. 1186 करोड रुपए की लागत से हुए इस एमओयू से 10,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा. स्कूली शिक्षा को भी हमने आईटीआई के साथ जोड़ा है. 116 विकासखंडों के 119 स्कूलों को आईटीआई से जोड़ा गया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं को डिमांड आधारित नए ट्रेड में प्रशिक्षित करने टाटा टेक्नोलॉजिस के साथ 36 आईटीआई के उन्नयन का एमओयू किया गया है. पहले चरण में इनमें से 5 आईटीआई का लोकार्पण सितम्बर महीने में किया जाएगा. इससे युवाओं को रोजगार संबंधी प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर मिलेगा.
मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर विभिन्न जिलों के बेरोजगारी भत्ता से लाभान्वित्त युवाओं तथा चयनित प्रशिक्षण अधिकारियों से भी बात-चीत की. इसमें युवाओं ने चर्चा करते हुए बताया कि बेरोजगारी भत्ता से उन्हें काफी राहत मिली है. साथ ही इससे अपने कैरियर को संवारने में भी मदद मिल रही है. कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंह देव तथा खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य खनिज निगम गिरीश देवांगन और मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला, सचिव-रोजगार एवं प्रशिक्षण टोपेश्वर वर्मा, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण अवनीश शरण, मुख्य कार्यपालन अधिकारी कौशल विकास दिव्या मिश्रा आदि उपस्थित थे.



