
नयी दिल्ली/लखनऊ. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि दीपावली को यूनेस्को की ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची’ में शामिल किया जाना इस त्योहार के अपार सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व व लोगों को एकजुट करने में इसकी भूमिका को मान्यता प्रदान करता है. दीपावली को बुधवार को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया. दिल्ली के लाल किले में हुई यूनेस्को की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया.
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह जानकर खुशी हुई कि दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया. यह त्योहार के अपार सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और लोगों को एकजुट करने में इसकी भूमिका की मान्यता है.” अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में जगह पाने वाला दीपावली त्योहार भारत की ओर से 16वीं प्रविष्टि है.
इससे पहले यूनेस्को सूची में भारत की ओर से कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा नृत्य, योग, वैदिक मंत्रोच्चार की परंपरा और रामलीला भी शामिल किये जा चुके हैं.
दीपावली का यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना गर्व की बात : योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में सम्मिलित किए जाने को गर्व का पल बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय उस उत्सव की वैश्विक पहचान है, जो अंधकार पर प्रकाश की विजय और नए आरंभ के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. यह उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक शक्ति व परंपरा की महत्ता को विश्वपटल पर और अधिक मजबूती प्रदान करती है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ के माध्यम से विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के दृष्टिकोण से इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित किया. एक बयान के मुताबिक उन्होंने कहा, ”यह सम्मान उत्तर प्रदेश के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन भूमि है. यहीं पर दीपावली की पहली ऐतिहासिक उत्सव परंपरा की शुरुआत हुई थी.” उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल सांस्कृतिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय परंपराओं की आत्मा है. ऐसे में इस पर्व की वैश्विक मान्यता अयोध्या के आध्यात्मिक महत्व को और भी प्रखर बनाती है.
आदित्यनाथ ने कहा, ”यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की बढ़ती सांस्कृतिक प्रतिष्ठा का प्रतिंिबब है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व स्तर पर अपनी सांस्कृतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से स्थापित किया है.” उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं और उत्सवों को विश्व समुदाय द्वारा अपनाया जाना सकारात्मक संकेत है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा व्यक्त की कि अयोध्या का शाश्वत प्रकाश मानवता को सत्य और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा. उनके अनुसार यह पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि जीवन दर्शन है, जो समाज को एकता और संस्कारों की दिशा में अग्रसर करता है.
दीपावली का यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना भारत के लिए गौरव का क्षण : शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में दीपावली को शामिल करना भारत के लिए ‘‘गर्व का क्षण’’ है, जो आधुनिक युग में भी देश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को दर्शाता है. भारत के प्रमुख उत्सव दीपावली को बुधवार को यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया गया. लाल किले पर आयोजित यूनेस्को की एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया.
शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि दीपावली को यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में शामिल किया गया है. यह आधुनिक युग में भी हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को दर्शाता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रकाश का यह त्योहार प्राचीन काल से ही हमें अच्छाई और न्याय की विजय में विश्वास करने के लिए प्रेरित करता रहा है. यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि अब यह वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देगा.’’



