
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर भ्रामक सूचना फैलाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि हाल ही में पेश की गई एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) एक नई योजना है और इसे राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) की जगह नहीं लाया गया है.
उन्होंने कहा, ”यह कोई पलटी मारने वाला कदम नहीं है. यह ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) और एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) से अलग है. यह स्पष्ट रूप से एक नया पैकेज है.” उन्होंने कहा कि हाल ही में घोषित यूपीएस बेहतर पेंशन योजना है और इससे ज्यादातर सरकारी कर्मचारी संतुष्ट हो पाएंगे.
सीतारमण ने कहा कि यूपीएस को इस तरह तैयार किया गया है कि यह हर गणना में उपयुक्त बैठती है और सरकार पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकांश राज्य यूपीएस को अपनाएंगे क्योंकि इसमें कर्मचारियों के लिए बहुत सारे लाभ हैं. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते सरकारी कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लाने की मंजूरी दी थी.
कांग्रेस के इस आरोप पर कि सरकार ने पेंशन योजना पर ‘यू-टर्न’ लिया है, वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने पेंशन योजना में सुधार किया है और यह यू-टर्न नहीं है. उन्होंने कहा कि आजकल कांग्रेस व्यापक अध्ययन के बिना टिप्पणियां करती हैं, जो पहले नहीं होता था. उन्होंने अपने पिछले फैसलों, मसलन दीर्घावधि के पूंजीगत लाभ कर पर इंडेक्सेशन लाभ को बहाल करने के कदमों का बचाव करते हुए हा कि यह पलटी मारना नहीं है, बल्कि बदलाव है.
चालू वित्त वर्ष में तीन करोड़ जनधन खाते खुलने की संभावना: सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत करीब तीन करोड़ नए खाते खोले जाने की संभावना है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 अगस्त, 2014 को प्रमुख वित्तीय समावेशन कार्यक्रम के तौर पर पीएमजेडीवाई की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत बैंक खातों की संख्या मार्च, 2015 में 14.72 करोड़ थी जो 16 अगस्त, 2024 तक लगभग चार गुना होकर 53.13 करोड़ हो गई.
पीएमजेडीवाई के तहत कुल जमा राशि मार्च, 2015 में 15,670 करोड़ रुपये थी जो बढ़कर अगस्त, 2024 तक 2.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई. सीतारमण ने इस योजना की शुरुआत की 10वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से कहा, ”हमारा लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के दौरान तीन करोड़ से अधिक पीएमजेडीवाई खाते खोलने का है.” देश में 14 अगस्त, 2024 तक 173 करोड़ से अधिक सक्रिय चालू एवं बचत खाते थे जिनमें 53 करोड़ से अधिक सक्रिय पीएमजेडीवाई खाते शामिल हैं. बैंक बड़ी संख्या में सामान्य बचत बैंक खाते भी खोलते हैं.
सीतारमण ने कहा, ”हमारा मानना है कि देश के अधिकांश वयस्कों के पास बैंक खाते हैं और हमारा ध्यान बचे हुए वयस्कों और युवाओं को भी शामिल करने पर है.” पीएमजेडीवाई खातों में औसत शेष राशि मार्च, 2015 में 1,065 रुपये से बढ़कर इस साल 16 अगस्त तक 4,352 रुपये हो गई है. लगभग 80 प्रतिशत खाते चालू हैं. वित्त मंत्रालय ने कहा कि ‘जेएएम तिकड़ी’ (जन धन, आधार, मोबाइल) ने लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसे भेजने को बढ़ावा दिया है और इसका दायरा आंशिक से सर्वव्यापी हो गया है.



