महाराष्ट्र में ‘नोट के बदले वोट’ मामले में वांछित आरोपी अहमदाबाद हवाई अड्डे से गिरफ्तार

मुंबई. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र के ‘नोट के बदले वोट’ के एक मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के सिलसिले में बुधवार को अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़े जाने के बाद एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि एन अकरम मोहम्मद शफी के खिलाफ ईडी ने लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था जिसके आधार पर उसे पहले पड़ोसी राज्य गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आव्रजन अधिकारियों ने पकड़ लिया. उन्होंने बताया कि वह दुबई भागने की कोशिश कर रहा था. सूत्रों ने बताया कि शफी को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है. इस संघीय एजेंसी ने पिछले सप्ताह मालेगांव के व्यापारी सिराज अहमद हारुन मेमन के खिलाफ दर्ज किये गये मामले में चुनावी राज्य महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्य गुजरात में छापेमारी की थी. मेमन पर कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए विभिन्न लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग करने का आरोप है.

महाराष्ट्र में भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने मालेगांव के इस मामले को उठाया और इसे ‘वोट जिहाद घोटाला’ करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में वोट के बदले मतदाताओं को नकदी दी गई. महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए बुधवार सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक चुनाव हुआ. धनशोधन का यह मामला सात नवंबर को मालेगांव पुलिस द्वारा चाय और कोल्ड ड्रिंक एजेंसी संचालक मेमन और उसके कुछ सहयोगियों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी पर आधारित है.

मालेगांव निवासी जयस लोटन मिसल ने शिकायत की थी कि उसके बैंक खाते का अवैध लेनदेन के लिए कथित रूप से दुरुपयोग किया गया है. इससे यह अटकलें लगाई जाने लगीं कि खातों का दुरुपयोग चुनाव को प्रभावित करने के लिए धन भेजने के लिए किया गया. सूत्रों के मुताबिक, शफी उन लोगों में शामिल है जिनके निर्देश पर मेमन ने नासिक मर्चेंट कोऑपरेटिव बैंक में एक दर्जन से अधिक बैंक खाते खोले और हवाला के जरिए कथित तौर पर 14 करोड़ रुपये की धनराशि अंतरित की.

आरोप है कि मेमन ने बैंक खाते खोलने के लिए करीब एक दर्जन लोगों से केवाईसी विवरण (पैन, आधार आदि) लिए और उनसे कहा कि वह मक्का का कारोबार शुरू करना चाहता है और इसलिए उसे किसानों से पैसे लेने की जरूरत है. सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर अपने दोस्तों से केवाईसी दस्तावेज लेकर दो और खाते खोले. ये 14 खाते इसी साल सितंबर और अक्टूबर के बीच खोले गए.

ईडी को इनमें से प्रत्येक खाते में 100 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि जमा करने और निकालने की प्रविष्टियां मिली हैं. सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में किये गए 2,500 से अधिक लेनदेन और लगभग 170 बैंक शाखाएं ईडी की जांच के दायरे में हैं, क्योंकि इन खातों में या तो पैसे जमा किये गये या निकाले गये.

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