
नयी दिल्ली. कांग्रेस ने सरकार से आमलोगों को गुमराह न करने की सलाह देते हुए मंगलवार को कहा कि सत्तापक्ष ने अब ‘मोदी की गारंटी’ के नये जुमले गढ.े हैं, लेकिन सरकार को यह बताना चाहिए कि ‘गारंटी की वारंटी’ क्या है. लोकसभा में विपक्षी दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने वर्ष 2023-24 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगें-प्रथम बैच तथा वर्ष 2020-21 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगों पर चर्चा के दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम लोगों को गुमराह करना सरकार का काम नहीं होता, सरकार इससे बाज आए.
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से रोजाना सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की बात सुनाई जाती है, लेकिन उसे (सरकार को) क्या पता है कि लोगों के आर्थिक हालात क्या हैं? उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह से जनता को बरगलाना नहीं चाहिए. चौधरी ने कहा कि रोज सुबह से शाम तक अब नया जुमला ‘मोदी की गारंटी’ सुनने को मिल रहा है, इससे पहले तक ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नारा था. उन्होंने कहा, ”अब नारे बदल गये, पर बात यह है कि गारंटी किसकी है और गारंटी की वारंटी भी होती है, तो यह वारंटी क्या है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2014 के चुनाव से पहले दो करोड़ नौकरी देने, हर आदमी के खाते में 15 लाख रुपये डालने तथा कालाधन वापस लाने के वादे किये थे, उनका क्या हुआ.
उन्होंने अर्थशास्त्री रघुराम राजन की एक रिपोर्ट को उद्धृत करते हुए कहा कि सरकार को जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए. चौधरी ने कहा कि उन्हें मोदी से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन जिस तरह से सुबह से लेकर शाम तक मोदी का गुणगान सदन में होता है तो उनकी यह सलाह है कि सत्तापक्ष के सदस्य सुबह सदन आने से पहले मोदी स्तुति करके सदन में आया करें. उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ देश में ठीक है तो मोदी जी ने पांच साल अन्न की गारंटी संबंधी योजना क्यों चलाई और वह रेवड़ियां बांटने के लिए क्यों बेचैन हैं.
इससे पहले कल अधूरी रही चर्चा को आगे बढ.ाते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के सैयद इम्तियाज जलील ने अल्पसंख्यकों का बजट कम करने का सरकार पर आरोप लगाया. उन्होंने सरकार की चीन की नीति पर भी सवाल खड़े किये. ऑल इंडिया अन्नाद्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के पी. रवीन्द्रनाथ ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना शुरू करने की मांग की.
आम आदमी पार्टी के सुशील कुमार रिंकू ने पंजाब सरकार के करीब आठ हजार करोड़ रुपये बकाये के भुगतान की मांग की. कांग्रेस के ही राजमोहन उन्नीथन ने शिक्षा के क्षेत्र में बजट कटौती का आरोप लगाते हुए कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों में ‘ड्रॉपआउट’ (बीच में ही पढ.ाई छोड़ने) की दर बढ. रही है. एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल ने अपने क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं के लिए धनराशि की मांग की.
मोहन यादव पर भ्रष्टाचार के आरोप, क्या यही है ‘मोदी की गारंटी’: कांग्रेस
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ उज्जैन मास्टरप्लान में भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या यही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक समाचार पत्र की 11 जून, 2023 की खबर साझा की जिसमें कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान में जमीनों की हेरफेर की गई तथा इस मामले में तत्कालीन मंत्री मोहन यादव और उनके परिवार के कुछ सदस्य सवालों के घेरे में हैं. कांग्रेस के इस आरोप पर मोहन यादव या भाजपा की तरफ से फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं आई है.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”चुनाव परिणाम के आठ दिन बाद भाजपा ने मध्यप्रदेश के लिए मुख्यमंत्री चुना, तो वह भी एक ऐसे व्यक्ति को चुना जिस पर उज्जैन मास्टरप्लान में बड़े पैमाने पर हेरफेर करने समेत कई गंभीर आरोप हैं. सिंहस्थ के लिए आरक्षित 872 एकड़ जमीनों में से उनकी जमीन को भूमि उपयोग बदलकर अलग किया गया.” उन्होंने दावा किया कि यादव के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं जिनमें वह गाली देते, धमकी देते और आपत्तिजनक बयान देते हुए दिख रहे हैं.
रमेश ने सवाल किया, ” क्या यह है मध्यप्रदेश के लिए ‘मोदी की गारंटी’?” मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट के सदस्य रहे यादव को भाजपा विधायक दल ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में अपना नेता चुना. भाजपा ने 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनावों में 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीट जीतकर मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखी, जबकि कांग्रेस 66 सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही.
प्रधानमंत्री को 1947 के बाद की सबसे बड़ी ‘डकैती’ के बारे में बताना चाहिए: कांग्रेस
कांग्रेस ने अपने सांसद धीरज प्रसाद साहू से जुड़े परिसरों से 350 करोड़ रुपये से अधिक की बरामदगी के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हमले के बाद उन पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें 1947 के बाद की सबसे बड़ी ‘डकैती’ के बारे में बताना चाहिए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अडाणी समूह से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले का हवाला दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने साहू से जुड़े परिसरों से 350 करोड़ रुपये से अधिक की बरामदगी के मुद्दे पर मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और इसके लिए एक लोकप्रिय क्राइम सीरिज का हवाला दिया.
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, ”भारत में ‘मनी हाइस्ट’ कथा की जरूरत किसे है, जब आपके पास कांग्रेस पार्टी है. कांग्रेस की डकैतियां 70 वर्षों से प्रसिद्ध हैं और अभी भी जारी हैं.” ‘मनी हाइस्ट’ एक स्पेनिश ड्रामा सीरिज है, जिसकी कहानी के केंद्र में डकैती है.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ” प्रिय नरेन्द्र मोदी जी, देश चाहता है कि आप 1947 के बाद की सबसे बड़ी ‘मनी हाइस्ट’ (डकैती) के बारे में बताएं. आपके करीबी दोस्त अडाणी ने आयातित कोयले और बिजली उपकरणों की कीमतें बढ़ाकर भारत से 17,500 करोड़ रुपये हड़प लिए. वह ऑफशोर शेल कंपनियों के माध्यम से भारत में 20,000 करोड़ रुपये वापस लाते हैं और सेबी की नजर के सामने अपने स्टॉक की कीमतें बढ़ाते है. वह बढ़े हुए स्टॉक का उपयोग करके अपनी सेवा में बैंकों से अरबों रुपये कर्ज लेते हैं.”
उन्होंने दावा किया, ”वह (अडाणी) ईडी, सीबीआई और आईटी का उपयोग करके उपहार में दी गई परियोजनाओं में पैसा निवेश करता है. वह वस्तुत? बहुत नीचे से उठकर सीधे दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बन गए. इस अभूतपूर्व वृद्धि का भुगतान कौन करता है? जनता बढ़े हुए बिजली बिलों के माध्यम से करती है!” रमेश ने कहा, ”हम जानते हैं कि आप चांग चुंग-लिंग (चीनी नागरिक) और अडाणी समूह से जुड़े नवीनतम खुलासों से ध्यान हटाने के लिए कितने बेताब हैं. यह काम नहीं आएगा. ” कांग्रेस हिंडेनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अडाणी समूह पर लगातार भ्रष्टाचार का आरोप लगा रही है. इस कारोबारी समूह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उसने कोई अनियमितता नहीं की है.



