
बेलगावी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को दोहराया कि वह राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर कांग्रेस आलाकमान के फैसले का अनुपालन करेंगे. मुख्यमंत्री गत कई दिनों से बार-बार कह रहे हैं कि वह और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर पार्टी आलाकमान के निर्णय का अनुपालन करेंगे. सिद्धरमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) यतींद्र सिद्धरमैया ने कहा था कि नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल ही नहीं है और उनका मानना है कि सिद्धरमैया पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.
इस बारे में संवाददाताओं द्वारा पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आलाकमान जो भी फैसला करेगा, उसका पालन करेंगे.’’ इससे पहले दिन में यतीन्द्र ने दावा किया था कि कांग्रेस आलाकमान ने कहा है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा. यतींद्र ने यहां सुवर्ण विधान सौध में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं यह कहता रहा हूं, जो नया नहीं है. मुझे लगता है कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन जैसी कोई बात नहीं है. मुझे उम्मीद है कि वह (सिद्धरमैया) अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे.’’
अगर शिवकुमार मुख्यमंत्री बने, तो मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होऊंगा: कांग्रेस विधायक राजन्ना
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक केएन राजन्ना ने सोमवार को कहा कि अगर डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो वह उनके नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे. राजन्ना ने कहा कि सिद्धरमैया को गुप्त मतदान के जरिये कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता चुना गया था और जब तक वह इस्तीफा नहीं दे देते, नेतृत्व का मुद्दा नहीं उठ सकता. उन्होंने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन की सूरत में दलित समुदाय से आने वाले गृह मंत्री जी परमेश्वर को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना जाना चाहिए.
बेलगावी में संवाददाताओं से मुखातिब राजन्ना ने एक सवाल के जवाब में कहा, ह्लअगर डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनते हैं, तो मैं उनके मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं रहूंगा.ह्व नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि विधायकों ने गुप्त मतदान के जरिये विधायक दल के नेता को पांच साल के लिए चुना था.
उन्होंने कहा, “अगर वह (सिद्धरमैया) कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से इस्तीफा दे देते हैं, तो नये व्यक्ति के चयन का सवाल उठेगा. तब तक ऐसी कोई बात नहीं है.” राजन्ना को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का करीबी माना जाता है. कर्नाटक में 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद मुख्यमंत्री पद पर बदलाव की अटकलों के बीच सत्तारूढ़ दल में सत्ता संघर्ष तेज हो गया है.



