
अहमदाबाद/पानीपत. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि युवाओं को राजनीति में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं क्योंकि इसे उन सबके भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता जो केवल वंशवाद की राजनीति में विश्वास करते हैं और इसे पारिवारिक संपत्ति मानते हैं.
साणंद शहर के पास लेखंबा गांव में रामकृष्ण मठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य की दिशा में ”एक नयी शुरुआत” करने के लिए स्वामी विवेकानंद की जयंती पर दिल्ली में युवा नेताओं का संवाद आयोजित किया जाएगा.
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के संस्थापक आध्यात्मिक नेता स्वामी विवेकानंद का मानना ??था कि राष्ट्र के विकास के लिए युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी. प्रधानमंत्री ने कहा, ”प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि हमारे युवा राजनीति में भी देश का नेतृत्व करें, क्योंकि हम इसे उन लोगों के हाथों में नहीं छोड़ सकते जो केवल वंशवाद की राजनीति में विश्वास करते हैं. हम राजनीति को उन सबके हाथों में नहीं सौंप सकते जो राजनीति को अपने परिवार की संपत्ति मानते हैं.”
मोदी ने कहा, ”इसलिए हम एक नयी शुरुआत करने जा रहे हैं. स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर हम दिल्ली में युवा नेता संवाद का आयोजन कर रहे हैं. इसमें 2,000 चयनित युवा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे, जबकि करोड़ों युवा प्रौद्योगिकी की मदद से इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे.” प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में युवा भारत को विकसित देश बनाने के संकल्प पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि इस बात का खाका तैयार किया जाएगा कि राजनीति में युवाओं की भागीदारी कैसे बढ़ाई जा सकती है.
मोदी ने कहा, ”हमारा संकल्प लगभग एक लाख प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवाओं को राजनीति में लाने का है. ये युवा देश का भविष्य और भारत की राजनीति का नया चेहरा बनेंगे. हमारा देश स्वामी विवेकानंद के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.” प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन में गुजरात की महत्वपूर्ण भूमिका रही, क्योंकि अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान वह राज्य के कई स्थानों पर रुके थे. उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार स्वामी विवेकानंद से जुड़े सभी स्थानों को जोड़ने वाले एक पर्यटन र्सिकट के विकास के लिए खाका तैयार कर रही है.
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 1979 में मोरबी में बांध टूटने, 2001 में आए भूकंप तथा 2006 में सूरत में आई विनाशकारी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय गुजरात के लोगों की मदद करने के लिए रामकृष्ण मठ की प्रशंसा की. कार्यक्रम के दौरान प्रार्थना कक्ष, साधु निवास और भोजन कक्ष का उद्घाटन किया गया. रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी गौतमानंद ने लेखंबा में नवनिर्मित सुविधाओं की शुरुआत की.
हरियाणा की भाजपा सरकार तीसरे कार्यकाल में तिगुनी रफ्तार से काम करेगी: मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर दिए जाने को देश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सोमवार को कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में राज्य के विकास के लिए तिगुनी रफ्तार से काम करेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ का शुभारंभ करने के बाद यहां आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 10 वर्षों में रक्षा, बैंकिंग और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई उपाय किए हैं.
उन्होंने कहा कि हरियाणा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में राज्य के विकास के लिए ‘तीन गुना तेज गति’ से काम करेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर दिए जाने को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाओं के सामने से हर बाधा को हटाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है तो वे देश के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलती हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, “लंबे समय तक देश में कई ऐसे काम थे, जो महिलाओं के लिए र्विजत थे, लेकिन भाजपा सरकार ने उनके रास्ते में आने वाली हर बाधा को दूर करने का संकल्प लिया है.” उन्होंने कहा कि देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की पहलों का जिक्र करने के साथ विपक्ष पर कटाक्ष भी किया. उन्होंने कहा, “जो लोग हर चीज को वोट बैंक के तराजू पर तौलते हैं, वे यह समझने में विफल रहे हैं कि मोदी के प्रति देश में महिलाओं का समर्थन क्यों बढ़ रहा है. जो लोग माताओं और बहनों को केवल वोट बैंक समझते थे, वे इस मजबूत रिश्ते को नहीं समझ पाएंगे.” प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग 1.15 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और उन्होंने तीन करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है.
‘लखपति दीदी’ स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की ऐसी सदस्य हैं जिनकी वार्षिक घरेलू आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है.
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की पहल ‘बीमा सखी योजना’ की शुरुआत की जिसके तहत तीन साल में दो लाख महिलाओं को नियुक्त किया जाएगा. यह योजना 18-70 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लाई गई है, जो दसवीं कक्षा पास हैं. वित्तीय साक्षरता और बीमा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए इन महिलाओं को पहले तीन वर्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण और मानदेय दिया जाएगा.



