कांग्रेस के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सरगुजा नरेश टी एस सिंहदेव ने अपने एक बयान में असम में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के काफिले पर पत्थरों से हुए हमला को गंभीर और कायरतापूर्ण कृत्य करार दिया है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में सिंहदेव ने कहा कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के काफिले पर पत्थरों से हमला बहुत ही गंभीर और कायरतापूर्ण कृत्य है। काफिले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी, सांसद गौरव गोगोई जी, AICC सचिव मनोज चौहान जी, कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती शिवामोनी बोरा और वरिष्ठ प्रदेश नेता मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ कानून-व्यवस्था की घटना नहीं है। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है। चुनाव जीतने का हिंसक हथकंडा – मुकाबले को ही डराओ, धमकाओ, रास्ते से हटाओ। दो ही बातें हो सकती हैं – या तो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जी के शासन में ऐसे हिंसक तत्व पूरी तरह बेखौफ हैं, या उन्हें शासन का संरक्षण और प्रोत्साहन प्राप्त है।
श्री सिंहदेव ने कहा कि देखने वाली बात होगी कि किसी भी FIR के लिए देश भर में घूमने वाली असम पुलिस अपने राज्य के पत्थरबाजों को ढूंढेगी या हिमंत बिस्वा सरमा जी मजबूरी का बहाना बनाएंगे। सवाल साफ़ है: हमला करने वाले कौन थे? उन्हें किसने भेजा था? उनके खिलाफ़ कार्रवाई कब होगी? और सबसे महत्वपूर्ण – चुनाव आयोग कब जागेगा?
जानते चलें कि असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा के काफिले में पथराव की घटना सामने आई है। इसमें एक कार्यकर्ता के घायल होने की खबर है।