सड़क हादसों में हर साल 1.5 लाख मौतें, 2024 तक यह तादाद घटाकर आधी करेंगे : गडकरी

इंदौर. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि सरकार ने देश में सड़क हादसों की वजह से हर साल होने वाली करीब 1.5 लाख मौतों को 2024 तक घटाकर आधी करने का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में करोड़ों रुपये खर्चकर ‘‘ब्लैक स्पॉट’’(वे स्थान जहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं) हटाने का काम जारी है. यहां गैर सरकारी संगठन ‘जन आक्रोश’ के कार्यक्रम में गडकरी ने बताया कि देश में हर साल पांच लाख सड़क हादसों में करीब 1.5 लाख लोगों की मौत होती है, जबकि तीन लाख व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं.

उन्होंने कहा,‘‘हमने तय किया है कि 2024 की समाप्ति से पहले हम देश में सड़क हादसों और इनमें होने वाली मौतों की तादाद कम से कम 50 फीसद घटाएंगे.’’ गडकरी ने कहा कि इस लक्ष्य के तहत केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के ‘ब्लैक स्पॉट’ हटाने के लिए अब तक 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. उन्होंने बताया कि विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से सरकार 15,000 करोड़ रुपये की अन्य योजना पर भी काम कर रही है. गडकरी ने बताया कि इस योजना की रकम राज्य सरकारों को भी देने का फैसला किया गया है कि ताकि वे अपने तहत आने वाली सड़कों से ‘‘ब्लैक स्पॉट’’ हटाएं.

सड़क परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि ‘‘भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम’’ के तहत गाड़ियों को सुरक्षा के वैश्विक पैमानों पर परख कर “स्टार रेंिटग” दी जाएगी. उन्होंने बताया,‘‘वाहन विनिर्माता कंपनियों के हर नये मॉडल को बाजार में उतरने से पहले इस परीक्षा से गुजरना होगा कि यह गाड़ी सड़क दुर्घटना होने पर भिड़ंत की स्थिति में इसमें सवार यात्रियों के लिए कितनी सुरक्षित है. कार का कोई नया मॉडल सस्ता हो या महंगा, दोनों को इस कसौटी पर कसा जाएगा.’’ गडकरी ने आम लोगों, खासकर युवाओं से यातायात के नियम-कानून मानने की अपील करते हुए कहा,‘‘हमारी सबसे बड़ी समस्या है कि लोगों में (यातायात) कानून के प्रति सम्मान और डर नहीं है.

लोग (कानून के पालन की) ंिचता नहीं करते और इस कारण हमें (सड़क हादसों में) जानें गंवानी पड़ रही हैं.’’ उन्होंने यह भी बताया कि मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सड़क सुरक्षा के वास्ते आम लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए उन्हें हरसंभव मदद का हाल ही में भरोसा दिलाया है.

बिजली से चलने वाली बसों के यात्री टिकट हो सकते हैं 30% तक सस्ते : गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में डीजल ईंधन का इस्तेमाल घटाने पर जोर दिया है. उन्होंने इसके साथ ही कहा कि बिजली से चलने वाली बसों के यात्री टिकट डीजल चालित बसों के मुकाबले 30 प्रतिशत सस्ते हो सकते हैं.

गडकरी ने सोमवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देशभर के राज्यों के सड़क परिवहन निगम कभी फायदे में नहीं आ सकते क्योंकि इनकी बसें महंगे डीजल से चलती हैं. उन्होंने कहा,‘‘मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ बोल रहा हूं कि बिजली से चलने वाली वातानुकूलित बस के यात्री टिकट डीजल से चलने वाली बस के मुकाबले 30 प्रतिशत तक आसानी से सस्ते हो सकते हैं.’’ गडकरी ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे देश में 50,000 बिजली चालित बसें चलाने की योजना पर आगे बढ़ रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमें देश के परिवहन तंत्र को दूरदर्शी सोच के साथ बदलने की जरूरत है. गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल के बजाय बिजली, ग्रीन हाइड्रोजन, एथनॉल, बायो-सीएनजी और बायो-एलएनजी सरीखे सस्ते ईंधनों के इस्तेमाल को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाना चाहिए.’’ गडकरी ने यह भी कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र के निर्माण कार्यों की लागत अत्याधुनिक तकनीक की मदद से कम करनी बहुत जरूरी है, ‘‘लेकिन पूरे सरकारी तंत्र को इसकी आदत ही नहीं है.’’

उन्होंने कहा,‘‘राजनेताओं को 50 साल आगे का सोचना चाहिए क्योंकि कई सरकारी अधिकारी महज पैच वर्क (किसी समस्या को तात्कालिक तौर पर सुलझाना) करते हैं. वे केवल आज के काम के बारे में सोचते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि आने वाले दिनों में उनका तबादला हो जाएगा.’’ गडकरी ने कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश में 2,300 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच सड़क परियोजनाओं की नींव रखी. अधिकारियों के मुताबिक, इन परियोजनाओं से महाराष्ट्र और दक्षिण के राज्यों से मध्यप्रदेश के सड़क संपर्क में सुधार होगा तथा रोजगार व निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मांग पर इंदौर, भोपाल, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम, खंडवा, धार, छतरपुर और विदिशा में कुल 20 फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी की घोषणा भी की. गडकरी ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद से अब तक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मध्यप्रदेश के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत कर चुका है और 2024 समाप्त होने के पहले यह आंकड़ा बढ़कर चार लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा.

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