भाजपा ने प्रदर्शनकारी किसानों से ‘शांतिपूर्वक’ समाधान निकालने की अपील की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 21 Feb 2024 07:24 PM
भाजपा ने प्रदर्शनकारी किसानों से ‘शांतिपूर्वक’ समाधान निकालने की अपील की
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने एक बार फिर आंदोलनकारी किसानों के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव दिया है और उनसे अपील की है कि वे इस मामले का ‘शांतिपूर्वक’ समाधान निकालें. पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने यहां भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने किसानों के लिए ‘बहुत काम’ किया है.

किसानों के विकास को केंद्र सरकार की ‘सबसे बड़ी प्राथमिकता’ करार देते हुए प्रसाद ने कहा, ”कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बातचीत की पेशकश की है. चर्चा और संवाद से ही समाधान निकलेगा.” उन्होंने कहा कि सरकार खुले मन से चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, ”किसानों से हमारी अपील है कि शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकाला जाना चाहिए.” प्रसाद ने कहा कि भाजपा-नीत केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कितना काम किया है, यह कई बार बताया जा चुका है.

उन्होंने कहा, ”किसानों का विकास हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता है और रहेगी.” मुंडा ने बुधवार को प्रदर्शनकारी किसानों को फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सहित उनके द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर पांचवें दौर की चर्चा के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने किसानों से शांति बनाए रखने और अपने मुद्दों का समाधान खोजने के लिए बातचीत में शामिल होने की भी अपील की.

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”सरकार चौथे दौर के बाद पांचवें दौर में सभी मुद्दे जैसे की एमएसपी की मांग, फसल विविधीकरण, पराली का विषय, किसानों पर दर्ज प्राथमिकी पर बातचीत के लिए तैयार है.” उन्होंने कहा, ”मैं दोबारा किसान नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित करता हूं. हमें शांति बनाये रखना जरूरी है.” प्रसाद ने कहा कि भाजपा किसानों के मुद्दों के प्रति ‘संवेदनशील’ है और केंद्र सरकार उनका कल्याण और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा, ”पार्टी किसानों के मुद्दों को लेकर बहुत संवेदनशील है. मंत्री उनसे बात कर रहे हैं. कई दौर की बातचीत हो चुकी है. इसे जारी रहने दीजिए.” उन्होंने कहा, ”किसानों की प्रगति को लेकर मोदी सरकार की प्रतिबद्धता बहुत स्पष्ट है.” एक दिन पहले प्रदर्शनरत किसानों ने सरकारी एजेंसियों द्वारा पांच साल तक दालें, मक्का और कपास न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और अपना आंदोलन जारी रखने की घोषणा की थी.

किसान नेताओं के साथ चौथे दौर की बातचीत में तीन केंद्रीय मंत्रियों की समिति ने रविवार को प्रस्ताव दिया था कि किसानों के साथ समझौता करने के बाद सरकारी एजेंसियां पांच साल तक दालें, मक्का और कपास एमएसपी पर खरीदेंगी. लेकिन, किसान नेताओं ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह किसानों के हित में नहीं है.

प्रसाद ने कहा, ”लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया. पता नहीं क्यों?” उन्होंने दोहराया कि ‘हमारा मानना है कि बातचीत जारी रहनी चाहिए’. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ‘दिल्ली चलो’ मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं.
प्रदर्शनरत किसानों और हरियाणा पुलिसर्किमयों के बीच 13 फरवरी को अंबाला के समीप पंजाब-हरियाणा सीमा पर झड़प हुई थी.

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