न्यूयॉर्क. अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने बाल्टीमोर में पुल ढहने की घटना की फौजदारी जांच शुरू कर दी है, जिसमें यह भी जांच की जाएगी कि क्या जहाज ने प्रमुख अमेरिकी बंदरगाह से ”यह जानते हुए रवाना हुआ था कि उसकी संचालन प्रणाली गंभीर खामी है.” मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी.
पटाप्सको नदी पर बना 2.6 किलोमीटर लंबा चार लेन का फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज 26 मार्च को 984 फुट के जहाज ‘डाली’ से टकराने के बाद ढह गया था. डाली पर सवार चालक दल में एक श्रीलंकाई और 20 भारतीय नागरिक शामिल थे. घटना के समय छह श्रमिक पुल पर गड्ढों की मरम्मत कर रहे थे और नदी में गिर गए जिससे उनकी मृत्यु हो गई. मारे गए छह लोगों में से केवल तीन के शव मिले हैं.
वाशिंगटन पोस्ट अखबार ने सोमवार को खबर दी कि एफबीआई ने एक फौजदारी जांच शुरू की है, जो ”पिछले महीने बाल्टीमोर में फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज को टक्कर मारने वाले विशाल मालवाहक जहाज पर केंद्रित है. जांच पर इस बिंदु का अन्वेषण किया जाएगा कि चालक दल को बंदरगाह छोड़ते वक्त यह जानकारी थी या नहीं कि जहाज की परिचालन में गंभीर समस्या है.” खबर में कहा गया कि एफबीआई के जांचकर्ताओं को सोमवार सुबह तलाशी के लिए जहाज पर सवार होते देखा गया.
खबर के मुताबिक, ”सुबह 6:30 बजे सूर्योदय के एक घंटे से भी कम समय के उपरांत एक के बाद एक तीन नौकाएं बंदरगाह की ओर से डॉली तक पहुंची.” इसमें कहा गया, ”सोमवार सुबह लगभग 6:50 बजे पीले या नारंगी रंग की लाइफ जैकेट पहने लोग निचले दरवाजे से डाली में दाखिल हुए और जहाज के अगले हिस्से तक गए. लगभग आधे घंटे बाद, गहरे रंग के कपड़े पहने लगभग एक दर्जन से अधिक लोग एक छोटी नौका से जहाज तक पहुंचे और उसपर सवार हो गए.”
एफबीआई ने एक बयान में बताया कि ”उसकी टीम मालवाहक जहाज डाली पर सवार है और अदालत द्वारा अधिकृत कानून प्रवर्तन गतिविधि को अंजाम दे रही है.” मैरीलैंड के अमेरिकी अटॉर्नी एरेक बैरोन ने वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में एक बयान में कहा कि उनका कार्यालय जांच की पुष्टि नहीं करेगा और न ही कोई टिप्पणी करेगा.
उन्होंने कहा, ”हालांकि, जनता को पता होना चाहिए, चाहे वह बंदूक हिंसा हो, नागरिक अधिकारों का दुरुपयोग हो, वित्तीय धोखाधड़ी हो, या सार्वजनिक सुरक्षा या संपत्ति के लिए कोई अन्य खतरा हो, हम किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के लिए जवाबदेही तय करेंगे.” सिंगापुर के ध्वज युक्त डाली का स्वामित्व ग्रेस ओसन प्टी लिमिटेड के पास है और इसका प्रबंधन सिनेर्जी मरीन ग्रुप करता है.