यूक्रेन युद्ध ने दुनिया को सिखाया, अधिनायकवादी शासन के साथ व्यापार संबंध में हैं बड़े जोखिम

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 24 May 2022 06:17 PM
यूक्रेन युद्ध ने दुनिया को सिखाया, अधिनायकवादी शासन के साथ व्यापार संबंध में हैं बड़े जोखिम

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दावोस. स्वतंत्रता को मुक्त व्यापार से अधिक महत्वपूर्ण करार देते हुए नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन युद्ध ने दुनिया को सिखाया है कि अधिनायकवादी शासन पर आर्थिक निर्भरता में बड़े जोखिम हैं. उन्होंने चीन को अधिनायकवादी सरकार का उदाहरण बताया. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) यूक्रेन का समर्थन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन नाटो सैनिकों को वहां भेजकर युद्ध में अपनी प्रत्यक्ष भागीदारी से इंकार कर दिया.

स्टोलटेनबर्ग ने कहा, ‘‘हमने 2014 से यूक्रेन को अपना समर्थन प्रदान किया है, जिसे अब बढ़ा दिया गया है. हम समर्थन जारी रखेंगे, लेकिन वहां नाटो सैनिकों को भेजकर हम सीधे युद्ध में शामिल नहीं होंगे. यह उकसाने के लिए नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि हर सहयोगी सुरक्षित रहे.’’ विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक 2022 को संबोधित करते हुए स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि यूक्रेन युद्ध ने हमें सिखाया है कि अधिनायकवादी शासन पर आर्थिक निर्भरता के भारी जोखिम हो सकते हैं जिसे हमने ऊर्जा संकट के रूप में देखा है.

नाटो प्रमुख ने कहा, ‘‘यह रूस के बारे में है. चीन भी अधिनायकवादी शासन है. हमें वास्तविकताओं का सामना करना होगा. मुक्त व्यापार की तुलना में स्वतंत्रता अधिक महत्वपूर्ण है और मूल्यों की रक्षा करना भी बेहद जरूरी है.’’ उन्होंने कहा कि चीन के साथ व्यापार करने के बहुत लाभ हैं, लेकिन जब 5जी नेटवर्क की बात आती है तो इसमें सुरक्षा संबंधी ंिचताएं शामिल हैं और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

स्टोलटेनबर्ग ने कहा, “यूक्रेन के खिलाफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध ने यूरोप में शांति भंग कर दी है. रूस के आक्रमण के बाद से हमने अपना समर्थन काफी बढ़ा दिया है. नाटो की मुख्य जिम्मेदारी अपने सहयोगियों की रक्षा करना और इस युद्ध को बढ़ने से रोकना है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘नाटो में, हमने खुफिया जानकारी एकत्र की और यूक्रेन पर हमला करने के रूस के इरादों के बारे में अपनी जानकारी सार्वजनिक की.’’ स्टोलटेनबर्ग ने कहा, ‘‘2014 में यूक्रेन पर पहले आक्रमण के बाद से, नाटो नजर रख रहा है. जब रूस ने इस साल फिर से यूक्रेन पर हमला किया तो हमने अपना समर्थन बढ़ाया. नाटो क्षेत्र पर किसी भी हमले का जवाब देने के लिए हमारे पास 1,00,000 सैनिक हाई अलर्ट पर हैं.’’

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