पायल कपाड़िया ने कान फिल्म महोत्सव में ‘ग्रैंड प्रिक्स’ पुरस्कार जीतकर इतिहास रचा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 26 May 2024 08:09 PM
पायल कपाड़िया ने कान फिल्म महोत्सव में ‘ग्रैंड प्रिक्स’ पुरस्कार जीतकर इतिहास रचा
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कान/नयी दिल्ली. फिल्मकार पायल कपाड़िया ने अपनी फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट’ के लिए प्रतिष्ठित कान फिल्म महोत्सव में ‘ग्रैंड प्रिक्स’ पुरुस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म निर्माता बनकर इतिहास रच दिया है. यह ‘पाम डी’ओर’ के बाद महोत्सव का दूसरा सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है.शनिवार रात को खत्म हुए फिल्म महोत्सव का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार अमेरिकी निर्देशक सीन बेकर की फिल्म ‘अनोरा’ को मिला.

कपाड़िया की फिल्म बृहस्पतिवार रात को प्रर्दिशत हुई. यह 30 वर्ष में मुख्य प्रतियोगिता में प्रर्दिशत होने वाली किसी भारतीय महिला निर्देशक की पहली भारतीय फिल्म है. मुख्य प्रतियोगिता के लिए चयनित की गयी आखिरी भारतीय फिल्म शाजी एन करुण की 1994 में आयी ”स्वाहम” थी. कपाड़िया को अमेरिकी अभिनेता वियोला डेविस ने ‘ग्रैंड प्रिक्स’ पुरस्कार प्रदान किया. पुरस्कार लेते हुए उन्होंने फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाली तीन अभिनेत्रियों – कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम का आभार जताया और कहा कि उनके बिना यह फिल्म नहीं बन पाती.

कपाड़िया ने कहा, ”मैं बहुत घबरायी हुई हूं इसलिए मैंने कुछ लिखा है. हमारी फिल्म यहां दिखाने के लिए कान फिल्म महोत्सव का शुक्रिया. कृपया किसी और भारतीय फिल्म के लिए 30 साल तक इंतजार मत करना.” उन्होंने कहा, ”यह फिल्म मित्रता के बारे में, तीन बहुत ही अलग-अलग मिजाज की महिलाओं के बारे में हैं. कई बार महिलाएं एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो जाती हैं. हमारा समाज इसी तरीके से बनाया गया है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन मेरे लिए दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण रिश्ता है क्योंकि इससे अधिक एकजुटता, समावेशिता और सहानुभूति पैदा होती है.”

मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट’ एक नर्स प्रभा के बारे में है जिसे लंबे समय से अलग रह रहे अपने पति से एक अप्रत्याशित उपहार मिलता है जिससे उसका जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है. इस फिल्म को कान महोत्सव में दिखाने के बाद आठ मिनट तक खड़े होकर दर्शकों ने तालियां बजायी थीं और अंतरराष्ट्रीय फिल्म आलोचकों ने इसकी शानदार समीक्षा की थी जिसके बाद यह इस पुरस्कार को पाने की दौड़ में सबसे आगे थी. इससे पहले शुक्रवार को बुल्गारिया के निर्देशक कॉन्स्टांटिन बोजानोव की हिंदी भाषी फिल्म ‘द शेमलेस’ के प्रमुख कलाकारों में से एक अनसुया सेनगुप्ता ने 2024 के कान फिल्म महोत्सव में ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया था.

प्रधानमंत्री ने निर्देशक पायल कपाड़िया को कान फिल्म समारोह में पुरस्कार जीतने पर बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि देश को निर्देशक पायल कपाड़िया पर गर्व है, जो अपनी फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ के लिए 2024 के कान फिल्म महोत्सव में ‘ग्रैंड प्रिक्स’ पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म निर्माता बन गई हैं. मोदी ने यह भी कहा कि अपनी उल्लेखनीय प्रतिभा के माध्यम से भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) की पूर्व छात्रा ने “भारत की समृद्ध रचनात्मकता की झलक” प्रर्दिशत की है.

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “अपने काम ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ के लिए 77वें कान फिल्म समारोह में ‘ग्रैंड प्रिक्स’ जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पायल कपाड़िया पर भारत को गर्व है. भारत की समृद्ध रचनात्मकता की झलक के साथ एफटीआईआई की पूर्व छात्रा की उल्लेखनीय प्रतिभा वैश्विक मंच पर चमक रही है. यह प्रतिष्ठित सम्मान न केवल उनके असाधारण कौशल का सम्मान करता है, बल्कि भारतीय फिल्म निर्माताओं की नयी पीढ़ी को भी प्रेरित करता है.”

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