राजकोट/अहमदाबाद. गुजरात के राजकोट में एक ‘गेम जोन’ में आग लग जाने पर बच्चों सहित 27 लोगों की मौत होने के मामले में पुलिस ने सोमवार को एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. राजकोट के पुलिस उपायुक्त (अपराध) पार्थराजसिंह गोहिल ने कहा, ”राजकोट पुलिस ने गेम जोन का संचालन करने वाली रेसवे इंटरप्राइज के एक साझेदार राहुल राठौर को गिरफ्तार किया है. मामले में गिरफ्तार किया गया वह तीसरा आरोपी है.” पुलिस ने घटना के सिलसिले में दो व्यक्तियों को इससे पहले गिरफ्तार किया था.
घटना के सिलसिले में टीआरपी ‘गेम जोन’ के छह साझेदारों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोपों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. राजकोट तालुका पुलिस ने मामले में धवल कॉरपोरेशन के मालिक धवल ठक्कर, और रेसवे इंटरप्राइज के साझेदार अशोक सिंह जडेजा, किरितसिंह जडेजा, प्रकाशचंद हिरन, युवराजसिंह सोलंकी तथा राहुल राठौर को आरोपी बनाया है. रविवार को पुलिस ने एक साझेदार युवराजसिंह सोलंकी और मनोरंजन स्थल के प्रबंधक नितिन जैन को गिरफ्तार किया था. अधिकारी ने कहा कि तीनों आरोपियों को शाम में अदालत में पेश किये जाने की संभावना है.
‘गेम जोन’ में शनिवार शाम लगी भीषण आग में चार बच्चों सहित 27 लोगों की मौत हो गई और तीन व्यक्ति झुलस गए. प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों ने गेम जोन बनाने के लिए मेटल शीट फैब्रिकेशन का उपयोग करके लगभग दो-तीन मंजिला ऊंचा, 50 मीटर चौड़ा और 60 मीटर लंबा ढांचा बना रखा था. इसमें कहा गया कि संचालकों के पास उचित अग्निशमन उपकरण नहीं थे और उन्होंने स्थानीय अग्निशमन विभाग से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं ले रखा था.
इस बीच, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा कि सरकार द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आगे की जांच के लिए ‘गेम जोन’ की सभी फाइल जब्त कर ली है. उन्होंने गांधीनगर में संवाददाताओं से कहा, ”मेरी मौजूदगी में एसआईटी ने सड़क एवं भवन निर्माण, पुलिस और राजकोट नगर निगम सहित विभिन्न विभागों से 2021 से 2024 तक की सभी संबद्ध फाइल जब्त की है. हम दोषी पाये जाने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे.”
राजकोट ‘गेम जोन’ आग मामला: सात अधिकारी निलंबित
गुजरात सरकार ने राजकोट स्थित ‘गेम जोन’ में आग लगने की घटना के मामले में सात अधिकारियों को निलंबित करने का सोमवार को आदेश दिया. ‘गेम जोन’ में शनिवार शाम भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी. एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन अधिकारियों को ”आवश्यक स्वीकृति के बिना इस ‘गेम जोन’ का संचालन होने देने में घोर लापरवाही का” जिम्मेदार ठहराया गया है.
संबंधित विभागों द्वारा पारित आदेशों के अनुसार, इससे पहले दिन में राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के नगर नियोजन विभाग के सहायक अभियंता जयदीप चौधरी, आरएमसी के सहायक नगर योजनाकार गौतम जोशी, राजकोट सड़क एवं भवन विभाग के उप कार्यकारी अभियंता एम आर सुमा एवं पारस कोठिया और पुलिस निरीक्षक वी आर पटेल और एन आई राठौड़ शामिल हैं.
आरएमसी ने बाद में आरएमसी के कलावड रोड दमकल स्टेशन के ‘स्टेशन अधिकारी’ रोहित विगोरा को निलंबित करने का आदेश दिया.