कर्नाटक में कांग्रेस अपने प्रदर्शन में सुधार की ओर, भाजपा की जमीन खिसकी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 04 Jun 2024 05:20 PM
कर्नाटक में कांग्रेस अपने प्रदर्शन में सुधार की ओर, भाजपा की जमीन खिसकी
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बेंगलुरु. कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस लोकसभा की अपनी सीटों की संख्या में सुधार करते हुए दिख रही है जबकि भाजपा के प्रदर्शन में गिरावट नजर आ रही है. मतों की गिनती के बीच मंगलवार को निर्वाचन आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में तीन सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और वह 14 सीट पर आगे है जबकि कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की और आठ पर आगे है. जनता दल(सेक्युलर) ने दो सीटों पर जीत दर्ज कर ली है.

पिछले साल मई में विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद सत्तारूढ़ पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती दिखायी दे रही है लेकिन उसका प्रदर्शन अपनी उम्मीदों से कम है. उसे राज्य में कुल 28 लोकसभा सीटों में से कम से कम 15 सीटों पर जीत की उम्मीद थी. कांग्रेस ने राज्य में शुरू की अपनी पांच गारंटी योजनाओं पर काफी भरोसा जताया था. उसने 2019 के आम चुनावों में महज एक सीट जीती थी. दक्षिण भारत में भाजपा के लिए कर्नाटक सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्व में यहां भाजपा सत्ता में रही है.

पिछले साल विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा ने लोकसभा चुनावों में अपनी संभावनाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया था.
भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में 25 सीट पर जीत हासिल की थी, जबकि उसके समर्थन वाला एक निर्दलीय उम्मीदवार भी जीता था. कर्नाटक में 2023 के विधानसभा चुनाव में पिछले दो दशकों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली जद(एस) के लिए यह लोकसभा चुनाव अहम माना जा रहा था. उसने विधानसभा में केवल 19 सीटें जीती थी.

कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल (सेक्युलर) के सांसद प्रज्वल रेवन्ना हसन लोकसभा सीट पर पीछे हैं. जद(एस) उन्हें पहले ही निलंबित कर चुकी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दामाद राधाकृष्णन डोड्डामणि पहले पीछे रहने के बाद अब गुलबर्गा सीट पर जीत हासिल कर चुके हैं.

अभी तक के रुझानों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के भाई और सांसद डी के सुरेश प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ व पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के दामाद डॉ. सी एन मंजूनाथ (भाजपा) से बेंगलुरु ग्रामीण सीट पर पीछे हैं. दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस ने 2019 में एकमात्र यही सीट जीती थी.

दो पूर्व मुख्यमंत्रियों – जद(एस) के एच डी कुमारस्वामी, और भाजपा के बसवराज बोम्मई ने क्रमश: मांड्या और हावेरी सीट जीत ली हैं.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और शोभा करांदलाजे (भाजपा) क्रमश: धारवाड़ और बेंगलुरु उत्तर सीट पर आगे हैं जबकि एक अन्य केंद्रीय मंत्री भगवंत खुबा बीदर सीट पर पीछे हैं. पूर्ववर्ती मैसूर शाही परिवार के वंशज व भाजपा के यदुवीर कृष्णदत्ता चामराज वाडियार मैसूर सीट पर और भाजपा की युवा इकाई के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या बेंगलुरु दक्षिण सीट पर आगे हैं.

शिमोगा में भाजपा के निष्काासित नेता के एस ईश्वरप्पा और फिल्म कलाकार शिवराजकुमार की पत्नी व कांग्रेस प्रत्याशी गीता शिवराजकुमार पीछे हैं. पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी (भाजपा) और विधान परिषद में विपक्ष के नेता कोटा श्रीनिवास पूजारी (भाजपा) ने क्रमश: उत्तर कन्नड़ और उडुपी-चिकमगलुर सीटों पर बढ़त बना ली है.

इस चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को मुख्यमंत्री सिद्दरमैयार और उसकी प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार के लिए अहम परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है. भाजपा के वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा के बेटे बी वाई विजयेंद्र के लिए यह चुनाव ‘अग्नि परीक्षा’ माना जा रहा है जिन्हें पिछले साल नवंबर में पार्टी की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

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