नयी दिल्ली. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद के लिए नामित नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण से पहले रविवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि आज शाम वह ”नरेन्द्र डिस्ट्रक्टिव एलाएंस’ (एनडीए) के नेता के तौर पर शपथ लेंगे” हालांकि वह सभी वैधता खो चुके हैं. कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन जिसे एनडीए के नाम से भी जाना जाता है उसी पर ‘नरेन्द्र डिस्ट्रक्टिव एलाएंस’ नाम गढ.ा है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा,” 28 मई 2023 का वो दिन याद है? जब नरेन्द्र मोदी सेनगोल के साथ नए संसद भवन में आए थे और जिसके लिए 15 अगस्त 1947 का एक अलग इतिहास गढ.ा गया था. दरअसल वो सबकुछ न केवल मोदी के सम्राट होने के दावे को सही ठहराने के लिए किया गया था बल्कि तमिल मतदाताओं से अपील करने के लिए भी हुआ था.” उन्होंने कहा,” उसी दिन मैंने अभिलेखों का इस्तेमाल करके मोदी के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया था.” रमेश ने कहा, ”हम उस ड्रामे का नतीजा जानते हैं. सेनगोल तो तमिल इतिहास का एक सम्मानजनक प्रतीक था, है और बना रहेगा, लेकिन तमिल मतदाताओं या कहें कि भारत के मतदाताओं ने मोदी के दावों को ख.ारिज. कर दिया है.” कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मोदी को बहुत बड़ी व्यक्तिगत, राजनीतिक और नैतिक हार का सामना करना पड़ा है.
रमेश ने कहा कि मोदी को उस संविधान के सामने झुकने के लिए मजबूर किया गया है जिसे उन्होंने पिछले दशक में नष्ट किया है.
उन्होंने कहा, ”पूरी तरह से कमज.ोर ‘एक तिहाई’ प्रधानमंत्री, जिनके पास अब कोई वैधता नहीं है, किसी तरह आज शाम नरेन्द्र डिस्ट्रक्टिव एलायंस (एनडीए) के नेता के रूप में शपथ लेने में कामयाब रहेंगे.” मोदी आज शाम शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ सहित कई देशों के नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं.
लोकसभा चुनावों में भाजपा को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला लेकिन पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने 543 में से 293 सीटें हासिल कीं. कांग्रेस को चुनावों में 99 सीटें मिलीं. निचले सदन में बहुमत का आंकड़ा 272 है. मोदी ने सुबह राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की थी. इस पर रमेश ने ‘एक्स’ पर फिर मोदी पर निशाना साधा.
उन्होंने कहा,” आप ट्रैक रिकॉर्ड देखिए: उनके वैचारिक सहयोगियों ने शत्रुता और घृणा का ऐसा विषाक्त वातावरण बनाया जिसके परिणामस्वरूप 30 जून 1948 को महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई.” रमेश ने कहा,” वे अपने उन साथियों को कभी नहीं टोकते जो गोडसे को एक नायक की तरह पेश करते हैं. उन्होंने संसद भवन में महात्मा गांधी की प्रतिमा को एक बार नहीं बल्कि दो बार विस्थापित किया.” कांग्रेस नेता ने कहा,” उन्होंने (मोदी) झूठा दावा किया कि 1982 में एटनबरो द्वारा बनाई गई फिल्म से पहले महात्मा गांधी को दुनिया जानती ही नहीं थी. वह वाराणसी, अहमदाबाद और अन्य जगहों पर गांधीवादी संस्थाओं को ध्वस्त और नष्ट कर रहे हैं.”