जम्मू. प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन छद्म समूहों ने रविवार को जम्मू में तीर्थयात्रियों पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है. हालांकि हमले में दो साल के बच्चे समेत नौ लोगों की मौत को लेकर व्यापक निंदा और आक्रोश के बाद समूहों ने तुरंत अपने बयान वापस ले लिए. अधिकारियों ने बताया कि (जैश से जुड़े) पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फोर्स (पीएएफएफ), रिवाइवल ऑफ रेजिस्टेंस और (लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध) द रेजिस्टेंस फ्रंट ने शुरू में सोशल मीडिया पर रियासी में शिवखोड़ी से कटरा जा रही बस पर हमले में अपनी संलिप्तता का दावा किया था.
हमलावरों ने पोनी क्षेत्र के तेरयाथ गांव के पास बस पर गोलीबारी की, जिससे वह एक खाई में गिर गई और नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 41 अन्य घायल हो गए. पांच लोगों की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दस अन्य का फिलहाल जम्मू क्षेत्र के अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है.
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हमले में खासतौर पर बच्चों के मारे जाने की व्यापक निंदा होने पर संदिग्ध समूहों ने तुरंत अपने बयान वापस ले लिए और इसके बजाय सरकारी एजेंसियों पर दोष मढ.ने का प्रयास किया. अधिकारी ने कहा कि इस घटना ने क्षेत्र में आतंकवाद और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ. गई हैं और भविष्य में इस तरह के जघन्य कृत्यों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों व सतर्कता बढ.ाने की तत्काल आवश्यकता है.