सुरक्षा परिषद ने गाजा में इजराइल-हमास के बीच संघर्ष विराम प्रस्ताव को मंजूरी दी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 11 Jun 2024 07:51 PM
सुरक्षा परिषद ने गाजा में इजराइल-हमास के बीच संघर्ष विराम प्रस्ताव को मंजूरी दी
ऑडियो सुनें

संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र (संरा) सुरक्षा परिषद ने गाजा में इजराइल और हमास के बीच आठ महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से सोमवार को अपने पहले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. अमेरिका सर्मिथत संघर्ष विराम प्रस्ताव की घोषणा राष्ट्रपति जो बाइडन ने की. अमेरिका का कहना है कि इजराइल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. वहीं सबकी निगाहें चरमपंथी फलस्तीनी समूह हमास पर हैं, जिसने तीन चरण वाले इस योजना प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है.

सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों में से 14 ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए बहुमत से मंजूरी दी, हालांकि रूस मतदान से नदारद रहा. इस प्रस्ताव में इजराइल और हमास से बिना किसी शर्त और विलंब के इसके नियमों को पूर्ण रूप से लागू करने का आह्वान किया गया है. इजराइल और हमास इस योजना पर सहमत होंगे, इसपर सवालिया निशान बरकरार है लेकिन सुरक्षा परिषद ने मजबूती से इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और दोनों पक्षों पर प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए दबाव बढ.ाया है.

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन सोमवार को इजराइल पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से गाजा में युद्ध के बाद के लिए योजना को स्वीकार करने का आग्रह किया. इतना ही नहीं, उन्होंने संघर्षविराम प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए हमास पर और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की भी वकालत की. हालांकि समझौते के प्रति नेतन्याहू का रवैया संदेहास्पद है और उन्होंने कहा कि इजराइल, हमास को नेस्तनाबूद करने के लिए प्रतिबद्ध है.

हमास ने कहा कि वह प्रस्ताव को मंजूरी देने के कदम का स्वागत करता है और इसे लागू करने के लिए इजराइल के साथ सीधी बातचीत न कर मध्यस्थों के साथ कार्य करने के लिए तैयार है. हमास की ओर से जारी यह बयान अब तक दिए गए सबसे कड़े बयानों में से एक था. हमास ने बयान में इस बात पर जोर दिया है कि चरमपंथी समूह इजराइल के कब्जे को समाप्त करने के लिए ‘अपना संघर्ष’ जारी रखेगा और ”फलस्तीन को पूर्णतया संप्रभु देश बनाने के लिए काम करता रहेगा”.

हमास के प्रवक्ता जिहाद ताहा ने मंगलवार को कहा, ”इजराइल द्वारा समझौते का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए कुछ मामलों का अध्ययन और स्पष्टीकरण करने के प्रयास जारी हैं.” उन्होंने कहा कि इजराइल आक्रामकता को जारी रखते हुए टाल-मटोल कर रहा है और समझौता लागू करने में बाधाएं पैदा कर रहा है.
इजराइल की एक वरिष्ठ राजनयिक ने प्रस्ताव का सीधे तौर पर उल्लेख

नहीं किया लेकिन परिषद को बताया कि इजराइल का रुख अटल है. उन्होंने कहा, ” हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक सभी बंधकों को रिहा और हमास को पूरी तरह से नेस्तनाबूद नहीं कर दिया जाता.” मंत्री सलाहकार रीउत शापिर बेन नेफ्टाली ने कहा, ”इसका यह भी मतलब है कि इजराइल ऐसी किसी भी निरर्थक और अंतहीन वार्ता का हिस्सा नहीं बनेगा, जिसका हमास सिर्फ समय टालने के लिए इस्तेमाल कर सकता है.”

अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस ग्रीनफील्ड ने दोहराया कि इजराइल ने संघर्षविराम समझौते को स्वीकार कर लिया है, जिसका समर्थन दुनियाभर के देशों ने किया है. उन्होंने कहा कि मतदान के बाद परिषद ने हमास को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे संघर्ष विराम समझौते को स्वीकार करना ही होगा. ग्रीनफील्ड ने परिषद से कहा, ”जंग आज ही रुक सकती है बशर्ते हमास ऐसा करना चाहे तो.” उन्होंने कहा, ”मैं फिर दोहराती हूं कि जंग आज ही रुक सकती है.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu