प्रधानमंत्री ने रियासी आतंकी हमले पर चुप्पी क्यों साथ रखी है : कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 12 Jun 2024 08:02 PM
प्रधानमंत्री ने रियासी आतंकी हमले पर चुप्पी क्यों साथ रखी है : कांग्रेस
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नयी दिल्ली/मलप्पुरम. कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के रियासी में आतंकी हमले का हवाला देते हुए बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की ‘नया कश्मीर’ नीति के विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस हमले की निंदा करने का समय नहीं मिला और उन्होंने चुप्पी साध रखी है.

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल किया कि आखिर भाजपा सरकार में आतंकी हमले की साजिश करने वाले पकड़े क्यों नहीं जाते? उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”बधाई संदेशों का जवाब देने में व्यस्त नरेन्द्र मोदी को जम्मू-कश्मीर में निर्ममता से मौत के घाट उतार दिये गए श्रद्धालुओं के परिवारों की चीखें तक नहीं सुनाई दे रही हैं. रियासी, कठुआ और डोडा में पिछले 3 दिनों में 3 अलग-अलग आतंकी घटनाएं हुई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री अब भी जश्न में मग्न हैं.”

राहुल गांधी ने कहा, ”देश जवाब मांग रहा है – आखिर भाजपा सरकार में आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले पकड़े क्यों नहीं जाते?’ कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक बयान में आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार की झूठे ही सीना ठोकने की वजह से राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है.

उन्होंने कहा, ”पिछले तीन दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमलों की बाढ. आ गई है, जबकि पीएम मोदी पाकिस्तानी नेताओं – नवाज शरीफ और शाहबाज शरीफ के बधाई ट्वीट्स (एक्स पर पोस्ट) पर जवाबी पोस्ट करने में व्यस्त हैं. उन्होंने नृशंस आतंकी हमलों पर एक भी शब्द क्यों नहीं बोला? उन्होंने चुप्पी क्यों साध रखी है? उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के भाजपा के बड़बोलेपन और खोखले दावों की पूरी तरह से पोल खुल गई है.

खेड़ा ने आरोप लगाया, ”यह तथ्य कि भाजपा ने कश्मीर घाटी में चुनाव लड़ने की भी जहमत नहीं उठाई, इस बात का प्रमाण है कि उनकी “नया कश्मीर” नीति पूरी तरह विफल रही है.” उन्होंने सवाल किया, ”क्या यह सच नहीं है कि पिछले 2 वर्षों में पीर पंजाल रेंज – राजौरी और पुंछ, अब सीमा पार आतंकवाद का गढ. बन गया है और पिछले दो वर्षों में इन इलाकों में हुए आतंकी हमलों में 35 से ज़्यादा जवान शहीद हो चुके हैं?” खेड़ा ने यह भी पूछा, ”क्या यह सच नहीं है कि मोदी सरकार ने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है क्योंकि जम्मू-कश्मीर में 2,262 आतंकी हमले हुए हैं, जिनमें 363 नागरिक मारे गए और 596 जवान शहीद हुए हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र के साथ एकजुट है.

मैं इस दुविधा में हूं कि वायनाड का सांसद बना रहूं या रायबरेली का: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि वह इस दुविधा में हैं कि उन्हें वायनाड और रायबरेली लोकसभा सीट में से कौन सी सीट छोड़नी चाहिए. गांधी ने 2024 के आम चुनाव में इन दोनों सीट पर जीत दर्ज की है. उन्होंने कहा कि वह जो भी निर्णय लेंगे, दोनों निर्वाचन क्षेत्र के लोग उससे खुश होंगे. उन्होंने लोकसभा में दूसरे कार्यकाल के लिए उन्हें चुनने के लिए वायनाड के लोगों को धन्यवाद दिया.

कांग्रेस नेता ने यहां एक जनसभा में कहा, ”मैं आपसे जल्द ही मिलने की उम्मीद करता हूं. मेरे सामने दुविधा है कि मैं वायनाड का सांसद बना रहूं या रायबरेली का. मैं उम्मीद करता हूं वायनाड और रायबरेली दोनों ही मेरे फैसले से खुश होंगे.” लगातार दूसरी बार वायनाड लोकसभा सीट से भारी अंतर से जीत हासिल करने के बाद यह उनकी राज्य में पहली यात्रा है. गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें भगवान से कोई निर्देश नहीं मिलता कि क्या करना है, जैसा कि प्रधानमंत्री अपने बारे में दावा करते हैं.

मोदी का उपहास उड़ाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि भगवान ने प्रधानमंत्री को देश के प्रमुख हवाईअड्डों और बिजली संयंत्रों को अडाणी को सौंपने का निर्देश दिया है और फिर भगवान उन्हें (मोदी को) रक्षा क्षेत्र में उद्योगपति की मदद करने के लिए ”अग्निवीर” योजना लाने का निर्देश देते हैं.

गांधी ने कहा, ”दुर्भाग्यवश, मेरे पास यह सुविधा नहीं है क्योंकि मैं एक इंसान हूं और भगवान मुझे आदेश नहीं देते. मेरे लिए, यह बहुत आसान है. मेरे भगवान भारत के गरीब लोग हैं. मेरे भगवान वायनाड के लोग हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव की लड़ाई भारत के संविधान की रक्षा के लिए थी और उस लड़ाई में नफरत को प्यार ने, अहंकार को विनम्रता ने हराया है.

उन्होंने कहा कि एक तरफ लाखों भारतीय हैं जो अपनी विभिन्न परंपराओं, भाषाओं, संस्कृतियों और इतिहास को संरक्षित रखना चाहते हैं और वे ही अपना भविष्य तय करेंगे. गांधी ने दावा किया कि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं, जिन्होंने कहा कि वे तय करेंगे कि कौन सी भाषाएं बोली जानी चाहिए और किन परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए. लोकसभा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री और शाह की ओर से ”बुनियादी गलतफहमी” थी.

गांधी ने कहा, ”उन्होंने (प्रधानमंत्री और शाह ने) सोचा कि उनके पास राजनीतिक ताकत है, उनके पास प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग है, इसलिए वे लोगों को निर्देश दे सकते हैं कि क्या होने जा रहा है.” उन्होंने कहा, ”केरल, उत्तर प्रदेश और अन्य सभी राज्यों के लोगों ने प्रधानमंत्री को दिखा दिया कि आप हमें यह नहीं बता सकते कि हम क्या चाहते हैं. भारत के लोगों ने उनसे कहा कि संविधान हमारी आवाज है. संविधान को मत छुओ.” गांधी ने कहा कि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री वाराणसी में हारते-हारते बाल-बाल बच गये और अयोध्या में भाजपा हार गई.

उन्होंने कहा, ”अयोध्या के लोगों ने भी भाजपा को संदेश दिया कि हम नफरत और हिंसा को पसंद नहीं करते. भारत के लोगों ने जो सबसे बड़ा संदेश दिया, वह यह था कि हमारे पास अनेक परंपराएं, राज्य, धर्म और इतिहास हैं और उनमें से प्रत्येक का सम्मान किया जायेगा.” कांग्रेस नेता ने कहा कि इसलिए प्रधानमंत्री मोदी को अब अपना रवैया बदलना होगा क्योंकि भारत की जनता ने उन्हें स्पष्ट संदेश दे दिया है. उन्होंने केंद्र में बनी सरकार को ‘पंगु’ करार दिया और कहा कि विपक्ष ने भाजपा को करारा जवाब दिया है. गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अब अपना रवैया बदलना होगा क्योंकि भारत की जनता ने उन्हें स्पष्ट संदेश दे दिया है.

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