नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक’ (नीट-यूजी) में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को खारिज करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इन दावों की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया विपक्ष बिना तथ्यों को जाने झूठ फैला रहा है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने चार जून को नीट-यूजी के परिणाम घोषित किए.
प्रधान ने कहा, “अभी तक नीट परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या प्रश्नपत्र लीक होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. इससे जुड़े सभी तथ्य उच्चतम न्यायालय के समक्ष हैं और विचाराधीन हैं. इस मुद्दे पर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, वह केवल भ्रम फैलाने का प्रयास है और इससे छात्रों की मानसिक शांति प्रभावित होती है.”
उन्होंने कहा, “नीट की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने वाली है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाना न केवल अनुचित है बल्कि भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने के समान भी है. केंद्र सरकार का ध्यान हमेशा छात्रों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने पर रहता है.” उनका बयान ऐसे दिन आया है जब एनटीए ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि नीट-यूजी (2024) के 1,563 अ्भ्यियथयों को कृपांक (ग्रेस मार्क) देने के फैसले को निरस्त कर दिया गया है और उन्हें 23 जून को पुन: परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा.
कांग्रेस ने नीट-यूजी में कथित धांधली को लेकर कहा कि वह इस मामले में सीबीआई जांच चाहती है, लेकिन अगर सरकार इसके लिए तैयार नहीं है तो फिर उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच होनी चाहिए. कांग्रेस ने यह मांग भी की कि एनटीए के महानिदेशक को उनके पद से हटाया जाए.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ” नीट परीक्षा में केवल कृपांक की समस्या नहीं थी. धांधली हुई है, पेपर लीक हुए हैं, भ्रष्टाचार हुआ है. नीट परीक्षा में बैठे 24 लाख. छात्र-छात्राओं का भविष्य मोदी सरकार के कारनामों से दांव पर लग गया है.” इन आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधान ने ‘एक्स’ पर कहा, ” विपक्ष मुद्दाविहीन है, ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष बिना तथ्य जाने सिर्फ झूठ फैला रहा है. कांग्रेस अपनी ओछी राजनीति के लिए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.”
उन्होंने कहा, ”मैं कांग्रेस को ये याद दिलाना चाहता हूं कि प्रश्नपत्र लीक रोकने और नक.ल विहीन परीक्षा के लिए केंद्र सरकार ने इसी साल लोक परीक्षा संबंधी कानून पारित किया है जिसमें कई कड़े प्रावधान हैं. कांग्रेस इस ग.लतफ.हमी में ना रहे कि कोई भी गड़बड़ी मिली तो कार्यवाही नहीं होगी. इस कानून के प्रावधानों को बहुत बारीकी से अमल में लाया जाएगा. ” मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनियमितताओं और अंकों में वृद्धि के आरोपों को लेकर एनटीए आलोचनाओं के घेरे में है.
शिक्षा मंत्रालय ने 1,563 छात्रों को दिए गए कृपांक की समीक्षा करने के लिए पिछले सप्ताह चार सदस्यीय समिति का गठन किया था.
प्रधान ने कहा कि समिति की अध्यक्षता यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी ने की और उसमें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सचिव के अलावा अन्य लोग भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि समिति ने प्रत्येक शिकायत की समीक्षा की और उसके बाद समिति ने अपनी सिफारिशें कीं. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा था कि नीट-यूजी, 2024 की शुचिता प्रभावित हुई है. हालांकि एनटीए ने इस आरोप को नकार दिया.