वामपंथी उग्रवाद के कारण छत्तीसगढ़ से विस्थापित आदिवासी लौटने को तैयार नहीं: सरकार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 25 Jul 2024 08:45 PM
वामपंथी उग्रवाद के कारण छत्तीसगढ़ से विस्थापित आदिवासी लौटने को तैयार नहीं: सरकार
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नयी दिल्ली. सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद में कहा कि वामपंथी उग्रवाद के कारण छत्तीसगढ़ से विस्थापित आदिवासी परिवार पुनर्वास योजनाओं और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वापस लौटने को तैयार नहीं हैं. जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी. उइके ने कांग्रेस सदस्य फूलो देवी नेताम के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के कारण छत्तीसगढ़ से विस्थापित आदिवासी परिवारों की पहचान के लिए पड़ोसी तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के निकटवर्ती जिलों में सर्वेक्षण के वास्ते दलों का गठन किया था.

उन्होंने बताया कि वामपंथी उग्रवाद के कारण सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों से 2,389 परिवारों के कुल 10,489 आदिवासी लोग विस्थापित हुए हैं. सुकमा से 9,702; बीजापुर से 579 और दंतेवाड़ा से 208 लोग विस्थापित हुए हैं. मंत्री ने कहा, “प्रभावित परिवार राज्य सरकार की पुनर्वास योजनाओं की जानकारी देने और सुरक्षा शिविरों के माध्यम से उपलब्ध सुरक्षा के बावजूद अपने मूल गांवों/स्थान पर लौटने को तैयार नहीं हैं.” कें

द्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जुलाई 2019 में छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र को 13 दिसंबर, 2005 से पहले वामपंथी उग्रवाद के कारण विस्थापित आदिवासी लोगों की संख्या का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण करने को कहा था, ताकि उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा सके.

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