लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में बुधवार को बारिश के दौरान मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति और उसकी पत्नी पर सड़क पर भरा पानी उछालने और महिला को खींचकर गिराने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस घटना के अपराधियों के लिये ‘सद्भावना ट्रेन’ नहीं बल्कि ‘बुलेट ट्रेन’ चलेगी. मुख्यमंत्री के आदेश पर इस मामले में चार पुलिसर्किमयों को निलंबित किये जाने के साथ-साथ संबंधित पुलिस उपायुक्त समेत तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पद से हटा दिया गया.
आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में कहा, ”कल की जो गोमती नगर की घटना है उसमें भी हम लोगों ने जवाबदेही तय की है. उसके अपराधियों की सूची भी मेरे पास आई है. पहला अपराधी पवन यादव है और दूसरा अपराधी है मोहम्मद अरबाज.” उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, ”यह सद्भावना वाले लोग हैं? यानी अब इनके लिए सद्भावना ट्रेन चलाएंगे?…. नहीं इनके लिए बुलेट ट्रेन चलेगी. चिंता मत करो और उस बुलेट ट्रेन की तैयारी की जा रही है. महिला सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च महत्व रखती है. हमने इस बात को पहले दिन कहा था कि कोई खिलवाड़ करेगा तो उसका खामियाजा भुगतेगा.” इससे पहले, मुख्यमंत्री के आदेश पर इस घटना के सिलसिले में बृहस्पतिवार को चार पुलिसर्किमयों को निलंबित किये जाने के साथ-साथ संबंधित पुलिस उपायुक्त समेत तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पद से हटा दिया गया.
हमने सरकारी नौकरियों में सपा शासन के मुकाबले ज्यादा आरक्षण दिया : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य लोक सेवा आयोग की र्भितयों में अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) को समाजवादी पार्टी (सपा) की पिछली सरकार के मुकाबले ज्यादा आरक्षण देने का दावा करते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सपा के राज में बाकी परीक्षाएं तृतीय श्रेणी में पास होने वाले लोग उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की भर्ती परीक्षा में टॉप कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए नौकरियों में आरक्षण का जिक्र किया.
उन्होंने सपा की पिछली सरकार के आंकड़े पेश करते हुए कहा, ”वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से 26,394 पदों पर चयन हुआ था. इनमें अन्य पिछड़ा वर्ग को मात्र 26.38 प्रतिशत सीटें और अनुसूचित जाति को 21.34 प्रतिशत सीटें मिली थीं. वर्ष 2017 से अब तक लोक सेवा आयोग की कुल 46,675 र्भितयां हुई हैं. उनमें से ओबीसी को कुल 38.41 प्रतिशत सीटें मिली हैं. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर तबके के अ्भ्यियथयों को 3.74 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली है.” उन्होंने दावा करते हुए कहा, ”एक भी भर्ती पर कोई व्यक्ति उंगली नहीं उठा सकता. उत्तर प्रदेश में साढ़े छह लाख से अधिक र्भितयां हुई हैं और यह पूरी पारर्दिशता के साथ की गई हैं.”