बांग्लादेश के न्यायाधिकरण ने हसीना, 45 अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट किया जारी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 17 Oct 2024 07:37 PM
बांग्लादेश के न्यायाधिकरण ने हसीना, 45 अन्य के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट किया जारी
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ढाका. बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने हाल में छात्रों के व्यापक आंदोलन के दौरान मानवता के विरुद्ध कथित अपराध के लिए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और अवामी लीग के अन्य शीर्ष नेताओं सहित 45 लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया.

स्थानीय मीडिया के अनुसार न्यायाधिकरण ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हसीना और अन्य को 18 नवंबर तक उसके समक्ष पेश करें. हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट से – तकनीकी रूप से – देश की अंतरिम सरकार द्वारा भारत से उनके प्रत्यर्पण की संभावना बन सकती है, जहां वह पांच अगस्त को भाग गई थीं. इस मुद्दे पर भारत से संपर्क करने का फैसला राजनीतिक निर्णय होने की संभावना है. हालांकि, ढाका ने पहले संकेत दिया है कि यह एक विकल्प बना हुआ है.

न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक एडवोकेट ताजुल इस्लाम ने रविवार को कहा कि हसीना सहित भगोड़ों को वापस लाने के लिए इंटरपोल की सहायता ली जाएगी. हसीना पांच अगस्त को दिल्ली के निकट हिंडन एयरबेस पर उतरीं, जब सरकारी नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण को लेकर छात्रों के आंदोलन के रूप में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने व्यापक रूप से लिया था. ऐसा माना जाता है कि बाद में उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया था, तथा तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है.

‘ढाका ट्रिब्यून’ अखबार के अनुसार, 77 वर्षीय हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग के शीर्ष नेताओं सहित अन्य के खिलाफ वारंट पुनर्गठित न्यायाधिकरण द्वारा शुरू की गई न्यायिक कार्यवाही के पहले दिन जारी किए गए. इस्लाम के हवाले से ‘डेली स्टार’ ने अपनी खबर में बताया कि न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायाधीश मोहम्मद गुलाम मुर्तजा मजूमदार की अध्यक्षता वाले न्यायाधिकरण ने यह आदेश पारित किया. अभियोजन पक्ष ने इस संबंध में न्यायाधिकरण में दो याचिकाएं दायर की थीं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की अपील की थी.

अब तक हसीना, उनकी अवामी लीग पार्टी और 14 दलों के गठबंधन के अन्य नेताओं, पत्रकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के पूर्व शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ न्यायाधिकरण में जबरन गायब करने, हत्या और सामूहिक हत्याओं की 60 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं.

हसीना पर लगभग 200 मामले दर्ज हैं, जिनमें से अधिकतर मामले सामूहिक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हत्याओं से संबंधित हैं.
हसीना सरकार के पतन के बाद देश भर में भड़की हिंसा की घटनाओं में बांग्लादेश में सैकड़ों लोग मारे गए, जिससे सरकारी नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली के खिलाफ जुलाई के मध्य में छात्रों द्वारा शुरू किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद से मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है.

आठ अगस्त को कार्यभार संभालने के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा था कि वह हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ छात्रों के बड़े पैमाने पर आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में मुकदमा चलाएगी. पिछली सरकार द्वारा नियुक्त न्यायाधिकरण के न्यायाधीश, अभियोजन दल और जांच एजेंसी ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यभार संभालने के बाद अपने पद छोड़ दिए थे तथा हाल ही में इस निकाय का पुनर्गठन किया गया.

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