नवभारत ब्यूरो
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जन असंतोष का एक बेहद आक्रामक और नाटकीय रूप सामने आया है, जहां स्थानीय महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं और व्यवस्था की बेरुखी से तंग आकर छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री रामविचार नेताम के काफिले को बीच सड़क पर घेर लिया।
क्षेत्र में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से उपजा यह गुस्सा उस समय सड़क पर फूट पड़ा जब मंत्री का काफिला सरकारी कार्यक्रम खत्म होने के बाद जाने वाला था।
महिलाओं का आरोप था कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन कोई उनकी सुधि लेने वाला नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सरपंच संस्कृति रक्सेल के साथ महिलाओं ने मंत्री से पंचायत भवन की मांग रखी थी, गिरदरगंज में खुद का पंचायत भवन नहीं है। इसके अतिरिक्त गांव की कुछ समस्याओं व मांगों को रख रहे थे, मगर आरोप है कि मंत्री ने कोई आश्वासन तक नहीं दिया।
कार के शीशे के पास डटकर सुनाई खरी-खोटी, नारेबाजी भी
काफिला रुकने के बाद महिलाओं का गुस्सा और अधिक सातवें आसमान पर पहुंच गया। महिलाओं ने मंत्री की गाड़ी के चारों ओर खड़े होकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। कार के शीशे के बिलकुल नजदीक खड़ी होकर महिलाओं ने अपनी पीड़ा और समस्याओं को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया और मंत्री को खरी-खोटी सुनाईं।
जानते चले कि इसके पहले भी दुर्ग भिलाई में मंत्री रामविचार नेताम का विरोध बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया था। दरअसल एक कांग्रेस विधायक के फार्म हाउस में वे पहुंचे, वहां एक-दो घंटे रुक कर विश्राम किया और फिर एक करोड़ से अधिक की योजनाओं का ऐलान कर दिया। दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता उनके दौरे को देखते हुए मिलने की तैयारी के साथ बैठे थे लेकिन रामविचार नेताम ने आना उचित नहीं समझा था। इसके बाद कार्यकर्ता भड़क गए थे और उन्होंने नेताओं के रवैया की आलोचना की थी। सुना है कि यह मामला संगठन तक भी पहुंचा है।