छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले की एसपी आइपीएस अंकिता शर्मा को एक नोटिस जारी हुआ है जिसमें पुलिस मुख्यालय ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आइपीएस अजय यादव की मार्फत भेजा गया है।
दरअसल हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें राजनांदगांव जिले की एसपी आइपीएस अंकिता शर्मा ने साड़ी पहनकर पुलिस की बंदूक उठाकर हर्ष फायरिंग की थी जोकि कदाचरण की श्रेणी में और नियमों के विरूद्ध आता है। दरअसल मामला गंभीर तब हुआ जब सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ और उसमें आम जनता की जो नकारात्मक प्रतिक्रियाएं आईं, उससे पुलिस की इमेज खराब हुई है।
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस तरह की फायरिंग करते वक्त कई नियमों का ध्यान रखा जाता है। इसमें प्रमुख नियम पुलिस की वर्दी का होना आवश्यक होता है लेकिन कई बार सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग होती है तो उसमें भी कई तरह की सावधानी रखी जाती है मसलन हर्ष फायरिंग में क्या ओरिजिनल गोली का इस्तेमाल हुआ या फिर महज आवाज निकालने वाले कारतूस का। इसके साथ ही फायरिंग करते वक्त वहां से लोगों को हटाया गया था नही, इत्यादि वगैरह। क्या इस प्रकार की हर्ष फायरिंग पुलिस के निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी।
हालांकि इन नियमों का पालन हुआ या नही, यह तो आइपीएस अंकिता शर्मा नोटिस के जवाब में भी बता सकती हैं। इसके लिए समय निर्धारित नही हुआ है मगर आमतौर पर पन्द्रह से एक महीने के अंदर जवाब दिया जाता है ताकि विवाद शांत हो जाए।
विजयादशमी के अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा द्वारा AK-47 से हर्ष फायरिंग की गई थी। सोशल मीडिया और मीडिया में इस घटना की चर्चा होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया है। दरअसल, विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस लाइन स्थित रक्षित केंद्र में पारंपरिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित जिले के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम में विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा की गई और मां दुर्गा से बुराई के विनाश तथा आम जनता की सुरक्षा के लिए शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई। शस्त्र पूजन के बाद एसपी अंकिता शर्मा ने साड़ी पहनकर AK-47 से हर्ष फायरिंग की थी। इस घटना के सामने आने के बाद उनकी फायरिंग तकनीक और हथियार संभालने के तरीके को लेकर सवाल उठने लगे। स्पष्टीकरण और संबंधित अधिकारियों की समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।