मुंबई. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने रविवार को सत्तारूढ़ भाजपा की नीतियों की आलोचना की और दावा किया कि कुछ बड़ी परियोजनाओं के गुजरात में स्थानांतरित होने के कारण महाराष्ट्र में नौकरियां खत्म हो गई हैं. बीस नवंबर को होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से पहले महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के नेता वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने और समाज का ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रहे हैं.
राज्य की महायुति सरकार की प्रमुख योजना ‘लाडकी बहिन’ को लेकर उस पर निशाना साधते हुए प्रियंका ने कहा कि महिलाओं को बेहतर जीवन के लिए वोट देना चाहिए, न कि इसलिए कि उन्हें प्रति माह 1,500 रुपये मिल रहे हैं. कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) सत्ता में आता है, तो वह सोयाबीन की फसल के लिए किसानों को 7,000 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) देगा. प्रियंका ने दावा किया कि महाराष्ट्र में 2.5 लाख से ज्यादा पद खाली हैं.
उन्होंने कहा कि फॉक्सकॉन, एयरबस जैसी परियोजनाओं के गुजरात में स्थानांतरित होने के कारण राज्य में नौकरियां खत्म हो गई हैं.
कांग्रेस महासचिव ने कहा, “लोग प्रयास कर रहे हैं, नये कौशल सीख रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही. सरकार को इस पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए था, लेकिन वह इन पदों को भरने में विफल रही है.” उन्होंने महाराष्ट्र में युवाओं की आत्महत्या को रोजगार के अवसरों की कमी से जोड़ने की भी कोशिश की.
प्रियंका ने दावा किया, “देश में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा युवा आत्महत्या कर रहे हैं. यह बेरोजगारी को दूर करने में भाजपा की विफलता का नतीजा है.” चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए नारे “एक हैं तो सेफ हैं” पर प्रियंका ने कहा कि ‘सेफ’ शब्द के दो अर्थ हैं-सुरक्षित और खजाना.
उन्होंने आरोप लगाया, ह्ललेकिन इस देश में सही मायने में सुरक्षित सिर्फ अडाणी ही हैं. पूरा देश जानता है कि अडाणी ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी सरकारी खजाने तक पहुंच है, जबकि आम नागरिक संघर्ष कर रहे हैं.ह्व कांग्रेस नेता ने दावा किया कि हवाईअड्डों, बंदरगाहों और कुछ प्रमुख कंपनियों पर अडाणी का नियंत्रण है और सरकारी नीतियां भी एक व्यक्ति के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा, “सरकार को राष्ट्रीय संपत्ति को किसी एक व्यक्ति को सौंपने के बजाय रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.” प्रियंका ने शासन में जवाबदेही की कथित कमी के लिए भी भाजपा की आलोचना की.
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के शासन के दौरान हमारे नेता लोगों के प्रति जवाबदेह थे. हालांकि, भाजपा के शासन में यह जवाबदेही खत्म हो गई है. मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं रह गए हैं.” प्रियंका ने कहा, “उनका व्यवहार अलग है… वे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं और समाज का ध्रुवीकरण करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं.” कांग्रेस महासचिव ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अडाणी की कंपनियों को आदिवासी भूमि आवंटित किए जाने का मुद्दा भी उठाया.
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ के लोगों से पूछें कि अडाणी को कितनी आदिवासी भूमि दी गई है?” प्रियंका ने वादा किया कि अगर एमवीए सत्ता में आता है, तो वह जवाबदेही सुनिश्चित करने, रोजगार सृजन और लोगों को सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा.
उन्होंने कहा, ह्लबीते 10 साल में राजनीति की दिशा बदल गई है. हम इसे वापस वहीं लाकर जोड़ेंगे यानी लोगों से.ह्व राहुल गांधी की न्याय यात्रा का जिक्र करते हुए प्रियंका ने जाति जनगणना कराने और 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा हटाने के महत्व को रेखांकित किया.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को जाति जनगणना कराने और आरक्षण की सीमा हटाने का वादा करने की चुनौती देते हुए कहा, “राहुल रोजाना यही कहते हैं, इस बात को समझाने के लिए पूरे देश में यात्रा करते हैं. और मोदी जी क्या कहते हैं? वह कहते हैं कि राहुल गांधी आरक्षण के खिलाफ हैं. इस बारे में सोचें.” प्रियंका ने महाराष्ट्र में एमवीए सरकार को गिराए जाने का जिक्र करते हुए भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “आपने एक सरकार चुनी और मोदी और उनके लोगों ने रिश्वत के जरिये उसे हटा दिया. एक नयी सरकार (शिवसेना, भाजपा और राकांपा की महायुति) बनी और आज हमें पता चला कि अडाणी उस सरकार का हिस्सा हैं.” मतदाताओं से वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हुए प्रियंका ने पूछा, “क्या आपके पास पानी और बिजली की सुविधा है? आपकी आय क्या है? क्या बेरोजगारी कम हो रही है? क्या महंगाई घट रही है? क्या आप अपने जीवन में प्रगति कर रहे हैं?” उन्होंने रिक्त पदों को भरने और नौकरी चाहने वालों को 4,000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने के एमवीए के वादे को दोहराया.
प्रियंका ने कहा, “कांग्रेस ने देश भर में एम्स, आईआईटी, बड़े बांध और अन्य प्रतिष्ठान स्थापित किए. लेकिन आज महाराष्ट्र के साथ भेदभाव किया जा रहा है, क्योंकि बड़े उद्योग, जो यहां आने वाले थे, उन्हें राज्य से बाहर ले जाया जा रहा है.” उन्होंने कहा कि एयरबस और बड़ी सेमी-कंडक्टर परियोजनाएं गुजरात चली गईं. कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि सफरान समेत अन्य बड़ी परियोजनाएं भी महाराष्ट्र से बाहर चली गईं.
उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र से कुल मिलाकर 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं बाहर चली गईं, आठ लाख नौकरियां छिन गईं और 6,000 से अधिक कंपनियां बंद हो गईं. प्रियंका ने भाजपा नेताओं पर छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को संरक्षित करने का दिखावा करने का आरोप लगाया और कुछ महीने पहले सिंधुदुर्ग जिले में शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढहने की घटना का जिक्र किया.
उन्होंने कहा, “वे (भाजपा नेता) मंच पर शिवाजी महाराज का स्मरण करते हैं, लेकिन वास्तव में उन्हें सम्मान देने की जहमत नहीं उठाते.”